धरमजयगढ़ के बीईओ साहब यहां के स्कूल में बच्चों से झाडू लगवाने का वीडियो सोशल मिडिया पर वायरल, क्या जांच करवाकर जिम्मेदारों पर करेंगे कार्यवाही या….?

धरमजयगढ़ विकासखंड के शासकीय प्राथमिक शाला अलोला से सामने आए एक वीडियो ने स्कूलों में बच्चों की पढ़ाई और जिम्मेदारों की निगरानी व्यवस्था पर गंभीर सवाल खड़े कर दिए हैं। सोशल मीडिया पर वायरल हो रहे वीडियो में कथित तौर पर छात्र-छात्राएं स्कूल परिसर में झाड़ू लगाते और साफ-सफाई करते नजर आ रहे हैं। वीडियो सामने आने के बाद शिक्षा विभाग की कार्यप्रणाली को लेकर भी सवाल उठने लगे हैं। की जिस स्कूल में परिजन अपने बच्चों को पढ़ाई के लिए भेज रहें वही बच्चों से इस तरह का कार्य करवाया जा रहा है। सवाल यह है कि क्या ज़ब उनसे कार्य करवाया जा रहा था तब उनकी कक्षा संचालित थी या नहीं? फिलहाल समाचार वीडियो पर आधारित है इसकी पुष्टि BEO की जांच के बाद ही हो सकेगा।
*BEO साहब, ऑफिस से बाहर निकलकर स्कूलों की भी सुध लीजिए*
वीडियो सामने आने के बाद धरमजयगढ़ के खंड शिक्षा अधिकारी सुखरुराम सिदार की निगरानी व्यवस्था पर भी सवाल उठ रहे हैं। कुछ दिनों पहले भोजपुर स्कूल से भी एक मामला सामने आया था जिसमें BEO की चुप्पी का सवालों को जन्म दें रही। वही अब यह वीडियो सामने आ गया। अधिकारी यह जरूर बताएं कि वीडियो में जो दिख रहा है वो उन्ही के क्षेत्र का है या नहीं। और क्या वीडियो सत्य है ना झूठ। इसकी निष्पक्ष जांच करवाना भी शिक्षा विभाग की जिम्मेदारी है। की कही यह वीडियो शिक्षा विभाग को बदनाम करने के लिए थोड़ी वायरल किया गया है।
*“काम ही तो करवाया, क्या गलत किया?” कहने वालों को भी जवाब चाहिए*

अक्सर ऐसे मामलों में यह तर्क दिया जाता है कि बच्चों से स्कूल की सफाई ही तो करवाई गई, इसमें क्या गलत है। लेकिन सवाल इससे कहीं बड़ा है—क्या स्कूल में बच्चों की पढ़ाई प्रभावित नहीं हो रही? क्या बच्चों की जिम्मेदारी स्कूल की सफाई करना है? और सबसे महत्वपूर्ण, बच्चों की शिक्षा और अधिकारों की निगरानी कौन कर रहा है? अगर वीडियो गलत है तो इसकी सच्चाई सामने आनी चाहिए और अगर वीडियो सही है तो जवाबदेही भी तय होनी चाहिए।

क्योंकि सरकारी स्कूल बच्चों को शिक्षा देने के लिए हैं—बच्चों से सफाई का काम करवाने के लिए नहीं।
खोज रहें थे हाथी मिल गया लकड़ी तस्करी करता ट्रक, ट्रक छोड़ भागा ड्राइवर।




