धरमजयगढ़ में कंप्यूटर संस्थान पर धोखाधड़ी का आरोप: फीस ली, न एडमिशन हुआ न मिला रिजल्ट, युवती ने उठाए गंभीर सवाल

धरमजयगढ़ में कंप्यूटर शिक्षा के नाम पर बड़ा विवाद, युवती ने लगाए ठगी के आरोप
धरमजयगढ़ में संचालित कंप्यूटर संस्थान के छात्रों से धोखाधड़ी का मामला सामने आया हैं। एक कंप्यूटर संस्थान संकल्प कंप्यूटर पर एक युवती ने गंभीर आरोप लगाते हुए कहा है कि उससे कोर्स के नाम पर फीस ली गई, लेकिन न तो उसका विधिवत एडमिशन किया गया और न ही उसे किसी प्रकार का रिजल्ट या प्रमाण पत्र उपलब्ध कराया गया। युवती का आरोप है कि संस्था की लापरवाही और अनियमितताओं के कारण उसका समय करीब 3 साल और पैसा दोनों बर्बाद हुए हैं। अगर उसके द्वारा सीताराम निषाद को ऑनलाइन पेमेंट नहीं किया गया होता तब सस्था के संचालक यकीन ही नहीं करते। कंप्यूटर संस्थान का एक शिक्षक अगर ऐसा करता हैं तब सवाल संस्थान पर खड़ा होता हैं कि उन्होंने किस आधार पर ऐसे शिक्षक को कार्य में रखा। वही युवती नें कहा की वह नियमित कक्षा जा रही थी। अब सवाल खड़ा हो रहा तब किसी नें उसका एडमिशन से सम्बंधित जानकारी क्यों नहीं लीं कही संस्थान संचालक और शिक्षक की मिलीभगत तों नहीं? मामले के सामने आने के बाद क्षेत्र में कंप्यूटर संस्थानों की कार्यप्रणाली को लेकर सवाल खड़े होने लगे हैं।
एक मामला सामने आया, तो कितने छात्र होंगे पीड़ित?

स्थानीय लोगों का कहना है कि यदि एक युवती के साथ इस प्रकार की स्थिति बनी है तो यह जांच का विषय है कि कहीं अन्य छात्र-छात्राएं भी इसी तरह की समस्याओं का सामना तो नहीं कर रहे हैं। कंप्यूटर शिक्षा और रोजगारोन्मुखी प्रशिक्षण के नाम पर बड़ी संख्या में युवा ऐसे संस्थानों में प्रवेश लेते हैं। ऐसे में यदि छात्रों से फीस लेने के बाद उन्हें उचित सुविधा, एडमिशन, परीक्षा या रिजल्ट नहीं दिया जा रहा है तो यह सीधे तौर पर उनके भविष्य के साथ खिलवाड़ माना जाएगा। मामले ने अभिभावकों की चिंता भी बढ़ा दी है।
संस्था संचालक ने कहा- टीचर ने फीस ली, पर छात्रा को न्याय कैसे मिलेगा?
मामले को लेकर जब संस्थान के संचालक जादूमड़ी से संपर्क किया गया तो उन्होंने बताया कि संबंधित फीस किसी शिक्षक द्वारा ली गई थी। संचालक का कहना है कि छात्रा को उसका पैसा वापस कराया जाएगा। हालांकि यह सवाल अभी भी बना हुआ है कि यदि फीस संस्थान के नाम पर ली गई थी तो उसकी जवाबदेही आखिर किसकी है। वहीं जब संचालक से पूछा गया कि जिस शिक्षक पर आरोप लग रहे हैं, उसके खिलाफ संस्थान द्वारा एफआईआर दर्ज कराई जाएगी या नहीं, तो उन्होंने कहा कि कार्रवाई की जाएगी। हालांकि अब यह देखना होगा कि यह कार्रवाई केवल बयान तक सीमित रहती है या वास्तव में कोई कानूनी कदम उठाया जाता है।
कंप्यूटर संस्थानों की जांच की मांग तेज, मान्यता और संचालन व्यवस्था पर उठे सवाल
इस पूरे मामले के बाद धरमजयगढ़ में संचालित कंप्यूटर संस्थानों की मान्यता, शिक्षकों की योग्यता, फीस संग्रहण की प्रक्रिया और छात्रों के रिकॉर्ड की जांच की मांग उठने लगी है। लोगों का कहना है कि प्रशासन को ऐसे संस्थानों का सत्यापन कराना चाहिए ताकि छात्रों के भविष्य के साथ किसी प्रकार का खिलवाड़ न हो सके। यदि आरोप सही पाए जाते हैं तो संबंधित संस्थान और जिम्मेदार लोगों के खिलाफ कड़ी कार्रवाई होनी चाहिए। शिक्षा के नाम पर किसी भी प्रकार की अनियमितता न केवल छात्रों का आर्थिक नुकसान करती है बल्कि उनके करियर और विश्वास को भी गहरा आघात पहुंचाती है। प्रशासनिक जांच के बाद ही पूरे मामले की सच्चाई स्पष्ट हो सकेगी, लेकिन फिलहाल यह मामला धरमजयगढ़ में चर्चा का विषय बना हुआ है।

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