भ्रष्टाचार की भेंट चढ़ा खड़गांव का पुल? सेतुः विभाग कर रहा ग्रामीणों के जान से खिलवाड़, धरमजयगढ़ का पुल टपकने का वीडियो दिखाया, अफसर बोले—’कोई खतरा नहीं….

धरमजयगढ़। विकासखंड के खड़गांव में सेतु विभाग द्वारा निर्मित पुल में पानी का रिसाव और सिलन दिखाई देने से ग्रामीणों में चिंता बढ़ गई है। स्थानीय लोगों का कहना है कि करीब 10 दिन पहले पुल में हो रहे रिसाव का वीडियो सेतु विभाग के जूनियर इंजीनियर (JE) को भेजकर जानकारी दी गई थी और उन्हें वीडियो कॉल करके तक दिखाया गया था उस समय उन्हें लगा की जॉइंट या पुल के किनारे पानी निचे गिरने वाला छोड़ा गया स्थान से लीकेज होगा पर ज़ब बीचो बीच पानी का रिसाव होते उन्हें दिखाया गया तब उससे संतुष्ट होकर उस समय कहा की मै सुचना दें देता हु और जांच करवाता हैं जिसके बाद ना तो कोई खबर आई ना कोई जांच टीम।
फिर दोबारा 23 जुलाई को उन्हें फोन कर इस सम्बन्ध में जानकारी लेनी चाही तब उन्होंने कहा ब्रिज में इस टाइप से सिपेज़ कोई समस्या नहीं हैं। कुछ बड़ा होता या दब जाता हैं तब जांच किया जाता हैं। यह कहकर उन्होंने अपना पल्ला तो झाड़ लिया पर भविष्य में अगर कोई दुर्घटना होती हैं तब क्या अधिकारी उस समय भी ऐसा ही जवाब देंगे। वही कई बार अवगत कराने के बावजूद अब तक मौके पर तकनीकी जांच नहीं कराई गई। इस पुल के ऊपर से धरमजयगढ़-खरसिया मार्ग संचालित होता है, जहां से प्रतिदिन भारी और ओवरलोड वाहनों का आवागमन होता है।
EE बोले- जानकारी नहीं, अब जिम्मेदारी किसकी?

ग्रामीणों का कहना है कि निर्माण के कुछ ही वर्षों में पुल के नीचे कई स्थानों पर पानी का रिसाव दिखाई देना गुणवत्ता पर सवाल खड़े करता है। वहीं, सेतु विभाग के कार्यपालन अभियंता (EE) का कहना है कि उन्हें इस मामले की जानकारी नहीं है। ऐसे में बड़ा सवाल यह है कि जब शिकायत जूनियर इंजीनियर तक पहुंच चुकी थी तो विभाग के वरिष्ठ अधिकारियों को इसकी सूचना क्यों नहीं दी गई और अब तक निरीक्षण क्यों नहीं हुआ। क्या ग्रामीण क्षेत्रों में ऐसे घटिया निर्माण पर इनकी कोई जवाबदेही नहीं, या इन्हे ग्रामीणों के जान से खिलवाड़ करने का खुला छूट मिल गया हैं..?
विशेषज्ञ बोले- रिसाव की तत्काल तकनीकी जांच जरूरी
विशेषज्ञों के अनुसार किसी भी पुल में लगातार पानी का रिसाव या सिलन दिखाई देने पर तत्काल तकनीकी निरीक्षण कराया जाना चाहिए। अगर पानी का रिसाव हो रहा जिससे साफ पता चल रहा की पुल निर्माण में भ्रष्टाचार हुआ हैं। यदि रिसाव के कारणों का समय पर पता लगाकर आवश्यक मरम्मत नहीं की गई तो लंबे समय में कंक्रीट और स्टील पर प्रतिकूल प्रभाव पड़ सकता है। फिलहाल ग्रामीणों ने पुल की गुणवत्ता की निष्पक्ष जांच कराने और आवश्यक मरम्मत की मांग की है। अब देखना होगा कि सेतु विभाग कब तक ग्रामीणों के जान से खिलवाड़ करता हैं।
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