कोयला खदान

मीटिंग में सजल मधु नें कहा बैठक से पहले मिला धमकी हुआ गाली-गलौच ,एक ग्रामीण नें कहा मुआब्जा के लिए ना बनाएं मुर्गा फार्म, secl का ग्रामीणों नें जमकर किया विरोध…मीटिंग के बाद जमकर हंगामा..देखे वीडियो….

धरमजयगढ़ क्षेत्र के दुर्गापुर, शाहपुर समेत कई प्रभावित गांवों के ग्रामीणों ने SECL की प्रस्तावित कोयला खदान परियोजना के विरोध में बड़ी बैठक शाहपुर के मैदान में आयोजित किया गया। इस बैठक में सजल मधु में मंच से कहा की Secl का विरोध करने पर उनको धमकी मिल रहा हैं और उनके साथ मीटिंग से पहले गाली गलौच हुआ, वही एक ग्रामीण नें मंच से कहा की कंपनी के G.M. नें कहा हैं कि कई लोंग आकर आग्रह कर रहें जल्दी अधिग्रहण करें अन्यथा उसका फार्म गिर जाएगा। वही भरी सभा में ग्रामीण नें कहा की मुआब्जा के लिए ना फार्म ना बनाएं साथ ही बैठक में मुख्य रूप से बिना समर्थन उड़ाया गया ड्रोन और थाने में हुई शिकायत को लेकर खूब चर्चा हुई, कहा गया की अम्बेटिकरा के बैठक में ज़ब कहा गया था बिना सहमति ड्रोन नहीं उड़ाया जाएगा फिर क्यों ड्रोन उड़ाया गया हैं और ज़मीन नहीं देने पर सहमति बनी

सजल मधु को मिल रही धमकी का मुद्दा उठा, ‘मुआवजे के लिए मुर्गा फार्म मत बनाइए’

बैठक के दौरान ग्रामीणों ने सामाजिक कार्यकर्ता सजल मधु को कथित रूप से मिल रही धमकियों का मुद्दा भी उठाया। ग्रामीणों ने कहा कि जो लोग SECL का विरोध कर रहे हैं, उन्हें अलग-अलग तरीकों से डराने और दबाव बनाने की कोशिश की जा रही है। एक ग्रामीण ने मंच से दावा किया कि कंपनी के जीएम ने कहा है कि कुछ लोग जल्द भूमि अधिग्रहण कराने का आग्रह कर रहे हैं, नहीं तो उनका फार्म गिर जाएगा। इस पर ग्रामीण ने कहा कि “सिर्फ अधिक मुआवजा पाने के लिए मुर्गा फार्म जैसे निर्माण खड़े मत कीजिए, गांव और जमीन के भविष्य को प्राथमिकता दीजिए।”

ड्रोन सर्वे पर फिर उठे सवाल, ‘बिना सहमति क्यों उड़ाया गया ड्रोन?’

बैठक में ग्रामीणों ने हाल ही में हुए ड्रोन सर्वे का मुद्दा भी जोर-शोर से उठाया। उनका कहना था कि पूर्व में प्रशासन और कंपनी की बैठक में स्पष्ट कहा गया था कि ग्रामीणों की सहमति के बिना ड्रोन सर्वे नहीं कराया जाएगा। इसके बावजूद आबादी और प्रभावित क्षेत्रों में ड्रोन उड़ाया गया, जिससे लोगों में आक्रोश फैल गया। ग्रामीणों ने बताया कि इस मामले में पहले थाना में शिकायत भी दर्ज कराई जा चुकी है और अब इस पूरे मामले की निष्पक्ष जांच की मांग की जा रही है।

भीम बैरागी और आशीष विश्वास ने गिनाए खदान के नुकसान, हाईकोर्ट जाने पर बनी सहमति

बैठक में भीम बैरागी और आशीष विश्वास ने मंच से कोयला खदान परियोजना के संभावित दुष्प्रभावों को विस्तार से रखा। उन्होंने कहा कि खनन से पर्यावरण, जल स्रोत, खेती और ग्रामीणों के स्वास्थ्य पर गंभीर असर पड़ सकता है। वक्ताओं ने कहा कि विकास के नाम पर गांवों के अस्तित्व से समझौता स्वीकार नहीं किया जाएगा। बैठक के अंत में सर्वसम्मति से निर्णय लिया गया कि यदि ग्रामीणों की मांगों की अनदेखी जारी रही तो मामले को हाईकोर्ट में चुनौती दी जाएगी और कानूनी लड़ाई भी लड़ी जाएगी।

दुर्गापुर के सरपंच नें क्या कहा देखे

धरमजयगढ़ कॉलोनी में किसकी इजाजत से उड़ाया ड्रोन..ड्रोन जब्त करने और फुटेज दिखाने की मांग

style=
style=

Mukesh Mourya

मुकेश मौर्य (संपादक) ग्रामीण न्यूज़ 24 , पता - रायगढ़ , छत्तीसगढ़ मो . +919752981420

Related Articles

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *

Back to top button