कलेक्टर और जिला शिक्षा अधिकारी के कंट्रोल से बाहर हो गया धरमजयगढ़? खड़गांव में पानी के लिए सड़क पर आ रहे स्कूली बच्चे, ये कैसा शिक्षा अधिकारी…?

धरमजयगढ़ विकासखंड के खड़गांव में प्राथमिक एवं मिडिल स्कूल में पीने के पानी की व्यवस्था नहीं होने से छात्र-छात्राओं को स्कूल परिसर से बाहर निकलकर करीब 100 मीटर दूर सड़क किनारे पानी पीने जाना पड़ रहा है। रायगढ़ जिला का धरमजयगढ़ ऐसा विकासखंड हैं जो स्कूली बच्चों की शिक्षा को लेकर हमेशा समाचार की सुर्खियों में रहता हैं ऐसा लगता हैं मानों धरमजयगढ़ पूरी तरह जिला कलेक्टर और जिला शिक्षा अधिकारी के कण्ट्रोल से बाहर हो चुका हैं। हाल ही में यही से मामला सामने आया जिसमे नदी पार कर 50 से अधिक बच्चें क्रोँधा गांव से यहां के हाई स्कूल में शिक्षा लेने आ रहें हैं। अब यहां पर प्राथमिक और माध्यमिक शाला में लापरवाही की खबरें सामने आने लगी हैं। दोपहर के भोजन के समय स्कूली बच्चे मुख्य मार्ग जिसपर प्रतिदिन सैकड़ों की संख्या में भारी वाहन गुजरते हैं उसी रास्ते पर बच्चे सड़क किनारे पानी पीने के लिए जाते हैं, उसी दौरान सड़क के दोनों ओर से भारी वाहन और अन्य गाड़ियां तेज रफ्तार से गुजरती रहती हैं। ऐसे में बच्चों की सुरक्षा को लेकर गंभीर चिंता पैदा हो गई है।
हादसा हुआ तो जिम्मेदार कौन? स्कूल प्रबंधन की भूमिका पर सवाल
सबसे बड़ा सवाल यह है कि यदि सड़क किनारे जाते समय किसी बच्चे के साथ कोई दुर्घटना हो जाती है तो इसकी जिम्मेदारी कौन लेगा? क्या स्कूल प्रबंधन की यह जिम्मेदारी नहीं है कि विद्यार्थियों को स्कूल परिसर में ही स्वच्छ पेयजल उपलब्ध कराए? यदि किसी कारण से बच्चों को बाहर जाना पड़ रहा है, तो क्या उनकी सुरक्षित आवाजाही सुनिश्चित करने की व्यवस्था नहीं होनी चाहिए? छोटे-छोटे बच्चों को बिना पर्याप्त सुरक्षा व्यवस्था के व्यस्त सड़क के किनारे भेजना गंभीर चिंता का विषय है।
शिक्षा विभाग और अधिकारियों की अनदेखी पर उठे सवाल
कई दिनों से पानी की समस्या बनी होने के बावजूद समाधान नहीं होना शिक्षा विभाग की निगरानी व्यवस्था पर भी सवाल खड़े करता है। पालकों और ग्रामीणों का कहना है कि स्कूल में पीने के पानी जैसी मूलभूत सुविधा तत्काल उपलब्ध कराई जानी चाहिए, ताकि बच्चों को स्कूल से बाहर न जाना पड़े। उनका यह भी कहना है कि संबंधित अधिकारी स्कूल की स्थिति का निरीक्षण कर आवश्यक व्यवस्था सुनिश्चित करें, जिससे भविष्य में किसी अप्रिय घटना की आशंका कम हो सके। यदि समय रहते व्यवस्था नहीं की गई तो किसी भी दुर्घटना की स्थिति में जिम्मेदारी तय करना भी एक बड़ा प्रश्न होगा। वही पंप ख़राब होने की जानकारी सामने आ रही थी जिसे सुधारवाया जा रहा था पर तबतक क्या स्कूल प्रबंधन बच्चों के लिए पानी व्यवस्था नहीं करवा सकता अगर नहीं तो फिर बच्चों को सुरक्षित तरीके से सड़क पार करवाया जा सकता था।
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