धरमजयगढ़ रजिस्ट्री ऑफिस में क्या चल रहा था? “मां बोलिए, जमीन बेचना है…”बुजुर्ग महिला को सिखाया जा रहा था क्या बोलना?

धरमजयगढ़ रजिस्ट्री कार्यालय में जमीन की रजिस्ट्री के दौरान एक ऐसा घटनाक्रम सामने आया, जिसने पूरे मामले पर सवाल खड़े कर दिए हैं। प्रत्यक्षदर्शियों के अनुसार, एक बुजुर्ग महिला से बार-बार यह कहलवाने की कोशिश की जा रही थी कि वह अपनी जमीन बेचना चाहती हैं। बताया जा रहा है कि महिला स्वयं स्पष्ट रूप से कुछ बोलने की स्थिति में नहीं थीं, जबकि उनके साथ मौजूद लोग लगातार उसे ज़मीन बेचना हैं बोलने के लिए समझाते दिखाई दिए। यह वीडियो कुछ हफ्ते पुराना बताया जा रहा और रजिस्ट्री हुई या नहीं यह अबतक स्पष्ट नहीं हो सका हैं। वही लोंग कह रहें की महिला पर कार्यालय में दबाव बनाया जा रहा था तो क्या महिला दबाव में कह देती तो रजिस्ट्री हो जाता, क्या यह नियम विरुद्ध नहीं
*जमीन बेटी के नाम, फिर मां से क्यों दिलवाया जा रहा था बयान?*
मौजूद लोगों का कहना था कि संबंधित जमीन बेटी के नाम पर है। ऐसे में सबसे बड़ा सवाल यह उठता है कि यदि जमीन का स्वामित्व पुत्री के नाम पर था तो फिर रजिस्ट्री प्रक्रिया के दौरान मां से यह क्यों कहलवाया जा रहा था कि जमीन बेचना है? क्या यह केवल औपचारिकता थी या फिर इसके पीछे कोई गहरा राज था? इस पूरे घटनाक्रम ने लोगों के मन में कई तरह की शंकाएं पैदा कर दी हैं।
स्थानीय लोगों का कहना है कि जब से नई अधिकारी ने धरमजयगढ़ रजिस्ट्री कार्यालय का कार्यभार संभाला है, तब से कार्यालय के आसपास कुछ लोगों की सक्रियता काफी बढ़ गई है। दावा किया जा रहा है कि पूर्व अधिकारी उनमेष पटेल के कार्यकाल में ऐसे लोगों की दाल नहीं गली जिस कारण ये रायगढ़ का रुख किये। अब वापस कार्यालय परिसर में लगातार दिखाई देते हैं । इन लोगों का रजिस्ट्री ऑफिस इतना आवाजाही है मानों ये लोंग सरकार के राजस्व बढ़ावा में खूब योगदान दें रहें हैं पर ज़मीन ना खरीद रहें ना बेच रहें । और मानों इसको आफिस आने मना कर दिया जाए तो ऑफिस का संचालन नहीं हो पाएगा राजस्व घाटा बढ़ जाएगा।
हजारों लोंग धरमजयगढ़ में क्यों हुए इकट्ठा, SECL का अड़ियल रवैया के कारण धरमजयगढ़ में तनाव का माहौल? महिलाओं नें कहा कुछ भी घटना घट सकती हैं ….
धरमजयगढ़ के मामले पर मुख्यमंत्री का एक्शन, रायगढ़ कलेक्टर मयंक चतुर्वेदी से ली जानकारी… पढ़े पूरी खबर….




