हजारों लोंग धरमजयगढ़ में क्यों हुए इकट्ठा, SECL का अड़ियल रवैया के कारण धरमजयगढ़ में तनाव का माहौल? महिलाओं नें कहा कुछ भी घटना घट सकती हैं ….

धरमजयगढ़। प्रस्तावित कोयला खदानों को लेकर धरमजयगढ़ क्षेत्र में ग्रामीणों का विरोध अब सड़कों पर नजर आने लगा है।विरोध में ग्रामीणों का आक्रोश secl खदान को लेकर देखने को मिला मानों secl की कार्यप्रणाली से ग्रामीण परेशान हो चुके हैं। शुक्रवार को भूमि बचाव समिति के बैनर तले सैकड़ों ग्रामीणों का जनसैलाब धरमजयगढ़ में उमड़ा। ग्रामीणों ने शांतिपूर्ण रैली निकालकर अनुविभागीय अधिकारी (राजस्व) कार्यालय पहुंचकर SECL की प्रस्तावित कोयला खदानों के विरोध में ज्ञापन सौंपा।
ग्रामीणों ने आरोप लगाया कि दुर्गापुर एवं शाहपुर पंचायत में पेसा अधिनियम लागू होने के बावजूद प्रभावित ग्रामीणों को सूचना दिए बिना और उनकी सहमति बिना सर्वे, भू-अर्जन एवं अन्य अग्रिम गतिविधियां संचालित की जा रही हैं ग्रामीणों का कहना है कि यदि प्रभावित परिवारों को विश्वास में लिए बिना इस तरह की कार्रवाई आगे बढ़ाई गई तो क्षेत्र में असंतोष और तनाव की स्थिति और बढ़ सकती है। वही सबसे ज्यादा आक्रोश तो यहां की महिलाएं हैं। महिलाओं का कहना हैं की अगर कंपनी वाले बिना सहमति जबरन कार्य की कोशिश किये तब हम कुछ भी कर सकते हैं।
लिखित समाधान तक कार्रवाई रोकने की मांग
रैली में शामिल ग्रामीणों ने मांग की कि जब तक उनकी सभी प्रमुख समस्याओं और मांगों का स्थायी एवं लिखित समाधान नहीं किया जाता, तब तक प्रस्तावित कोयला खदानों से संबंधित भू-अर्जन, सर्वे और अन्य अग्रिम कार्रवाई पर तत्काल रोक लगाई जाए।
ग्रामीणों ने प्रशासन एवं SECL प्रबंधन से बातचीत के माध्यम से समस्या का समाधान निकालने और प्रभावित परिवारों की मांगों पर गंभीरता से विचार करने की अपील की है। शुक्रवार को निकली रैली में बड़ी संख्या में ग्रामीणों की मौजूदगी ने क्षेत्र में प्रस्तावित कोयला खदानों को लेकर विरोध की स्थिति को एक बार फिर सामने ला दिया।
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