कौन है रामाशंकर प्रजापति जिसने धरमजयगढ़ में 40-50 लोगों में ही निपटा दिया विशेष ग्रामसभा….

धरमजयगढ़ क्षेत्र में मुन्नाराम यादव, अमित यादव जैसे महा दिग्गजो का नाम सामाजिक अंकेछण प्रदाता के रूप में सुनहरे अक्षरों में पहले से ही बहुत चर्चित था अब उसी कड़ी में रामाशंकर प्रजापति का नाम भी शामिल हो गया है ग्राम पंचायत नकना में मनरेगा कार्यों के सामाजिक अंकेक्षण को लेकर गंभीर सवाल खड़े हो गए हैं। ग्रामसभा के लिए 12 बजे का समय मुनादी के माध्यम से बताया गया था, लेकिन 10 बजे ग्रामसभा करा ली गई। वही इस ग्राम सभा को लेकर विशेष नियम कानून भी है लेकिन रामशंकर के लिए मानों कोई नियम कानून लागू ही नहीं होता है वे जो करें वही नियम बन जाता है।
40-50 लोगों की मौजूदगी में ग्रामसभा, कोरम को लेकर सवाल
ग्रामसभा में महज 45 से 50 लोगों की मौजूदगी को लेकर भी सवाल उठ रहे हैं। ग्रामीणों का आरोप है कि यदि कैमरे के सामने सामाजिक अंकेक्षण प्रदाता द्वारा यह कहा जा रहा है कि लोगों की सहमति से ग्रामसभा ली गई, तो जब आवश्यक संख्या 10% में ग्रामीण ही मौजूद नहीं थे, तब उस सहमति को किस आधार पर मान्य माना गया?वही एक ग्रामीण नें तो विवाद कर दिया की 12 बजे क्यों बुलाया गया ज़ब ग्रामसभा 10 बजे लेना था तो।
जिला में बैठे जिम्मेदारों के आँखों पर काला चश्मा
धरमजयगढ़ में यह पहला मामला नहीं ज़ब किसी ग्राम पंचायत का सामाजिक अंकेछण का समाचार प्रकाशित हुआ है। यहां सामाजिक अंकेछण प्रदाता के रूप में पूर्व और वर्तमान में कार्यरत मुन्नाराम यादव और अमित यादव व अन्य का ऐसे ही मामलों में कई बार समाचार प्रकाशित हो चुका है जिसके बाद भी जिला में बैठे जिम्मेदार जीतेन्द्र टंडन आँखें बंद कर बैठे है। वही सूत्रों के हवाले से जानकारी सामने आती रहती है की पंचायत में अंकेछण प्रदाताओं द्वारा मोटा रकम वसूली का खेल चलाया जा रहा जहाँ उन्हें फायदा नहीं होता वहा वे रिकवरी का डर दिखाते है जिसके बाद अगर सहमति बन जाती है तब नियमों को किनारे कर गोपनीय तरीके से ग्रामसभा निपटा दिया जाता है और लोगों को जानकारी तक नहीं मिलता। अब यह जांच में ही स्पष्ट होगा।




