धरमजयगढ़ का न्यूज़

फिर पुरुँगा में कोयला खदान को लेकर माहौल गरम – सचिव अनूप राठिया व साथियो नें फूंका विरोध का बिगुल…

  • धरमजयगढ़ के पुरुँगा क्षेत्र में अडानी ग्रुप के स्वामित्व वाली मेसर्स अंबुजा सीमेंट और प्रस्तावित कोयला खदान के खिलाफ ग्रामीणों का आक्रोश अब एक बड़े आंदोलन का रूप ले चुका है। शनिवार को पुरुँगा के मैदान में ग्रामीणों की एक विशाल सभा आयोजित की गई, जिसमें पुरुँगा के कई दमदार लोगों नें ऐसा विरोध का बिगुल फूका मानों पूरे सभा को नई जान मिल गई हो। सभा में ज़ब कुछ बात को लेकर असमंजस हुआ तब सबसे उची आवाज में सचिव अनूप राठिया, भरत और उनके साथियों नें आक्रोश में कहा की हम अपनी ज़मीन किसी कीमत पर नहीं देंगे ज़ब ज़मीन देना ही नहीं तों पैसे की बात ही मत करो।

*​रणनीति के साथ मैदान में उतरे ग्रामीण*

​जानकारी के अनुसार, इस सार्वजनिक सभा से पूर्व अनूप राठिया और गांव के प्रबुद्ध नागरिकों के बीच एक बंद कमरे में महत्वपूर्ण बैठक हुई। इस गोपनीय चर्चा में कंपनी की विस्तारवादी नीतियों और खदान से होने वाले पर्यावरणीय नुकसान को रोकने के लिए ठोस रणनीति तैयार की गई। रणनीति बनने के बाद जैसे ही अनूप राठिया और ग्रामीण नेता अपने वाहन से सभा स्थल पर पहुँचे, पूरे मैदान में कंपनी विरोधी नारों की गूँज सुनाई देने लगी।

1002322837
Oplus_16908288

*​अनूप राठिया के उद्बोधन से भरा जोश*

​सभा में विरोध करते हुए सचिव अनूप राठिया ने ग्रामीणों में नई ऊर्जा का संचार किया। उन्होंने स्पष्ट शब्दों में कहा कि यह लड़ाई सिर्फ जमीन की नहीं, बल्कि हमारी आने वाली पीढ़ियों के भविष्य और पहचान की है।​”हमें किसी भी कीमत पर अपनी पुश्तैनी जमीन को कंपनी के हाथों में नहीं सौंपना है। विकास के नाम पर विनाश का खेल अब पुरुँगा की धरती पर नहीं चलेगा। हम एकजुट होकर इस कंपनी को यहाँ से खदेड़ कर ही दम लेंगे।”

1002317572

*​कोयला खदान का पुरजोर विरोध*

​बैठक में उपस्थित ग्रामीणों ने एक स्वर में अडानी ग्रुप मेसर्स अंबुजा सीमेंट की कोयला खदान परियोजना का विरोध किया। ग्रामीणों का कहना है कि क्षेत्र में खनन गतिविधियों से जल, जंगल और जमीन पूरी तरह नष्ट हो जाएंगे। ​ग्रामीणों के इस उग्र रुख को देखते हुए क्षेत्र में गहमागहमी बढ़ गई है। पुरुँगा मैदान की इस सभा ने यह स्पष्ट कर दिया है कि ग्रामीण अब आर-पार की लड़ाई के मूड में हैं। सभा के अंत में ग्रामीणों ने संकल्प लिया कि वे अपनी मातृभूमि की रक्षा के लिए किसी भी स्तर तक संघर्ष करेंगे।​

फिलहाल, इस विरोध प्रदर्शन ने प्रशासन और कंपनी प्रबंधन की चिंताएं बढ़ा दी हैं। आने वाले दिनों में यह आंदोलन और भी उग्र रूप ले सकता है।

style=

Mukesh Mourya

मुकेश मौर्य (संपादक) ग्रामीण न्यूज़ 24 , पता - रायगढ़ , छत्तीसगढ़ मो . +919752981420

Related Articles

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *

Back to top button