धरमजयगढ़ में ‘रेत माफिया’ का दबदबा? मांड नदी में 30-40 ट्रैक्टरों की एंट्री, नीचेपारा डोंगा घाट पर रोज सैकड़ों ट्रिप का खेल!

धरमजयगढ़ के नीचेपारा स्थित डोंगा घाट में मांड नदी से रेत उठाव को लेकर बड़ा सवाल खड़ा हो गया है। जानकारी के अनुसार समाचार लिखने तक नदी के किनारे 30-40 ट्रैक्टर एक साथ नदी में उतरकर रेत निकाल रहे हैं, वहीं रोजाना सैकड़ों ट्रैक्टरों से रेत परिवहन किया जा रहा है। जिसपर किसी का ध्यान नहीं जा रहा। दरअसल इतने बड़े रैकेट द्वारा यह सोची समझी चाल है क्युकी यहां से पूरे साल लोंग घर के उपयोग के लिए रेत लें जाते है जिसका फायदा उठाकर माफियाओ नें एक साथ इतने ज्यादा ट्रैक्टर नदी में उतार दिए है की अगर धरमजयगढ़ के मुख्य चौक पर जिम्मेदार खड़े होकर देखे तो हर 10 मिनट में एक ट्रैक्टर रेत परिवहन करते पाया जाएगा जो खरसिया रोड की ओर बायसी, प्रेमनगर के तरफ जा रहा है। इतनी बड़ी संख्या में वाहनों की मौजूदगी ने कथित रेत माफिया और रेत के बड़े कारोबार को लेकर सवाल खड़े कर दिए हैं। सवाल यह है कि आखिर किसके इशारे पर नदी में इतनी बड़ी संख्या में ट्रैक्टर उतर रहे हैं?
रेलवे के हजारों ट्रिप बालू की जरूरत बनी कथित रेत कारोबार का बड़ा आधार?
बताया जा रहा है कि रेलवे कार्य के लिए हजारों ट्रिप बालू की आवश्यकता है और स्थानीय ट्रैक्टरों के जरिए इसकी पूर्ति की जा रही है। मिट्टी आसानी से उपलब्ध नहीं होने के कारण निर्माण कार्य में रेत के उपयोग की संभावना भी जताई जा रही है। ऐसे में कथित रेत माफिया के लिए नदी से बड़े पैमाने पर रेत उठाव का रास्ता खुलने की चर्चा है। यदि रोज सैकड़ों ट्रिप रेत बाहर जा रही है, तो इसकी अनुमति, मात्रा, रॉयल्टी और परिवहन दस्तावेजों की जांच बेहद जरूरी हो जाती है।
रेत घाट नहीं तो नदी में ट्रैक्टरों की ‘बारात’ किसकी अनुमति से?

सबसे तीखा सवाल यही है कि जहां अधिकृत रेत घाट ही नहीं है, वहां 30-40 ट्रैक्टर एक साथ नदी में कैसे उतर रहे हैं? क्या रेत माफिया को नदी से रेत निकालने की खुली छूट मिल गई है? अगर अनुमति है तो उसकी सीमा क्या है और यदि अनुमति नहीं है तो इतने बड़े पैमाने पर हो रहा रेत उठाव जिम्मेदार विभागों की नजर से कैसे बच रहा है? मांड नदी में चल रहे इस कथित रेत कारोबार की मौके पर जांच, ट्रैक्टरों की पड़ताल, रॉयल्टी और अनुमति दस्तावेजों की जांच से ही तस्वीर साफ होगी। अब देखना यह है कि प्रशासन नदी को रेत कारोबारियों के भरोसे छोड़ता है या कार्रवाई कर मांड नदी में चल रहे इस कथित खेल पर लगाम लगाता है।
*समाचार चलने के बाद सारे रेत माफिया ट्रैक्टर लेकर गायब हो जायेंगे*
शशि पटेल के व्यवस्था में भव्य कार्यक्रम का आयोजन..




