डिब्बे में लिया पेट्रोल और खुद को लगाई आग, पंप पर कार्रवाई

जिला प्रशासन ने पेट्रोल पंप संचालन में लापरवाही पर कड़ा रुख अपनाते हुए एक पेट्रोल पंप संचालक को कारण बताओ नोटिस जारी किया है। कलेक्टर (खाद्य शाखा) कार्यालय द्वारा जारी इस नोटिस में कहा गया है कि 17 अप्रैल 2026 को बिलासपुर के एक पंप द्वारा शासन के स्पष्ट निर्देशों का उल्लंघन करते हुए डिब्बे में पेट्रोल प्रदान किया गया। प्रशासन ने इसे गंभीर अनियमितता मानते हुए तत्काल कार्रवाई की प्रक्रिया शुरू कर दी है। यह कदम जिले में पेट्रोल पंपों की कार्यप्रणाली पर सख्त निगरानी का संकेत भी देता है।
डिब्बे में लिया पेट्रोल और खुद को लगाई आग
मामले के अनुसार, ग्राम पौंसरी निवासी मंजित जायसवाल (उम्र 28 वर्ष) ने देर रात लगभग 2:00 बजे से 2:40 बजे के बीच उक्त पेट्रोल पंप से डिब्बे में पेट्रोल लिया। आरोप है कि पेट्रोल लेने के बाद युवक ने भवानी चौक के पास सड़क किनारे अपने शरीर में आग लगा ली। इस घटना ने पूरे मामले को बेहद गंभीर बना दिया है, क्योंकि नियमों के उल्लंघन का सीधा संबंध एक संवेदनशील घटना से जुड़ गया है। प्रशासनिक जांच में यह स्पष्ट हुआ कि पेट्रोल पंप द्वारा निर्धारित नियमों की अनदेखी की गई थी।

*नियम, कानून और आगे की कार्रवाई*
जिला प्रशासन ने पहले ही सभी पेट्रोल पंप संचालकों को सख्त निर्देश दिए थे कि केवल वाहनों की टंकी में ही पेट्रोल/डीजल की आपूर्ति की जाए और किसी भी प्रकार के डिब्बे या अन्य पात्र में ईंधन देना पूरी तरह प्रतिबंधित है। इसके बावजूद नियमों का उल्लंघन किए जाने पर आवश्यक वस्तु अधिनियम 1955 के तहत इसे दंडनीय माना गया है। नोटिस में संचालक को 3 दिनों के भीतर अपना स्पष्टीकरण प्रस्तुत करने के निर्देश दिए गए हैं। यदि तय समय सीमा में संतोषजनक जवाब नहीं मिलता है, तो प्रशासन द्वारा एकपक्षीय और कड़ी कार्रवाई की जाएगी। इस कार्रवाई के बाद जिले के अन्य पेट्रोल पंप संचालकों में भी सतर्कता बढ़ गई है और नियमों के पालन को लेकर दबाव बना है।




