कार्रवाई चल रही थी, रेत माफिया चलता बना! आरोपी फरार, अधिकारी लाचार, रेत माफिया के आगे बेबस सिस्टम?

राम मंदिर के पीछे लोडर लगाकर रेत ट्रैक्टर में लोड किया जा रहा था जिसकी सुचना तत्काल जिम्मेदार अधिकारीयों को दी गई तब मामले को गंभीरता से लेते हुए मौक़े पर कार्यवाही करने के लिए पटवारी को भेजा गया जिसके द्वारा कार्यवाही किया भी जा रहा था उसी बीच लोडर मालिक अपने साथी के मोटरसाइकल पर बैठ कर लोडर के पास गया और वहा से लोडर लेकर नदी के दूसरे तरफ से भाग गया। यहां तक तों सब समझ आता है पर घटनाक्रम में पता नहीं क्यों अधिकारी इतने बड़े मामले को हलके में लें रहें हैं और कार्यवाही करने से घबरा रहें हैं। क्युकी ज़ब कार्यवाही हो रही थी उसके बीच वाहन को लेकर भागा गया हैं और प्रशासन को लोडर मालिक नें ठेंगा दिखा दिया हैं।
प्रशासन के सामने से निकला आरोपी, दो दिन बाद भी नहीं हुई कार्रवाई
सबसे हैरानी की बात यह है कि अवैध रेत उत्खनन का आरोपी हो रहें कार्यवाही के बीच में ही ट्रैक्टर-लोडर लेकर मौके से फरार हो गया, लेकिन घटना के दो दिन बीत जाने के बाद भी उसके खिलाफ कोई ठोस कार्रवाई सामने नहीं आई है मानों किसी प्रकार की मिलीभगत हो । यदि प्रशासन के सामने से भागने वाले आरोपी पर भी तत्काल कार्रवाई नहीं हो पा रही है, तो अब क्या अधिकारी घर बैठे आरोपी का इंतजार कर रहें हैं ।
महीनों से चल रहा था खेल, अब प्रशासन की सख्ती पर उठ रहे सवाल

स्थानीय लोगों का आरोप है कि इस जगह राम मंदिर के पास मांड नदी से लंबे समय से अवैध रेत का उत्खनन और परिवहन किया जा रहा है। और जिम्मेदार 2-3 किलोमीटर की दूरी पर मुख्यालय में बैठे हैं पर उन्हें छू तक नहीं पा रहें कार्यवाही तों दूर की बात है। एक तों इन्हे ऐसे मामले दिखाई नहीं पड़ते और अगर उसके बाद सुचना देकर मौक़े पर पकड़वा दिया जाए तों इनके हाथ से भाग जाते हैं और उसके बाद भी ये कार्यवाही नहीं करते हैं।




