जर्जर मकान का लाखों का मुआवजा मिलने के बाद भी नहीं छोड़ा घर, पीछे खाई…बारिश में गिर सकता हैं खाई में मकान….

धरमजयगढ़ के सिसरिंगा बंजारी मंदिर के पास मौजूद मकान लाखों का मुआवजा मिलने के बाद भी जर्जर मकान में रह रहा हितग्राही,
प्राप्त जानकारी के अनुसार और एग्रीमेंट सामने आने के बाद यह स्पष्ट दिख रहा हैं कि उक्त मकान का लाखों रूपये का भुगतान हितग्राही को प्राप्त हो चुका और उक्त मकान ब्लास्टिंग क्षेत्र के अंतर्गत प्रभावित हैं जिससे मकान को हानि हो सकती हैं और हुई भी हैं पर उसके बाद भी हितग्राही वहा मौजूद हैं और वर्तमान में हो रही बारिश से कभी भी दुर्घटना घट सकता हैं।

क्षेत्र में एक जर्जर मकान को लेकर गंभीर लापरवाही सामने आई है। जानकारी के अनुसार संबंधित हितग्राही को 08 मई 2025 को मकान के लिए लाखों रुपये का मुआवजा प्रदान किया जा चुका है। इसके बावजूद हितग्राही अभी भी उसी खतरनाक और जर्जर भवन में रह रहा है। भवन की हालत लगातार खराब होती जा रही है, जिससे किसी भी समय बड़ा हादसा होने की आशंका बनी हुई है।
बारिश में बढ़ा खतरा, मकान के पीछे खाई होने से जान का जोखिम

बारिश का मौसम शुरू होते ही खतरा और बढ़ गया है। जर्जर भवन कभी भी भरभराकर गिर सकता है। स्थिति को और गंभीर इसलिए माना जा रहा है क्योंकि मकान के पीछे गहरी खाई भी मौजूद है। यदि भवन गिरता है या दीवार ढहती है, तो परिवार के साथ आसपास रहने वाले लोगों की जान भी खतरे में पड़ सकती है। स्थानीय लोगों का कहना है कि समय रहते कार्रवाई नहीं हुई तो बड़ी दुर्घटना से इनकार नहीं किया जा सकता।
प्रशासन से तत्काल कार्रवाई की मांग, हादसा हुआ तो जिम्मेदार कौन?

ग्रामीणों ने प्रशासन से मांग की है कि जनहित को देखते हुए संबंधित जर्जर मकान को तत्काल खाली कराया जाए और आवश्यक सुरक्षा व्यवस्था सुनिश्चित की जाए। सवाल यह भी उठ रहा है कि जब मुआवजा पहले ही दिया जा चुका है, तब भी हितग्राही का इस भवन में रहना आखिर क्यों जारी है। यदि भविष्य में कोई बड़ा हादसा होता है, तो इसकी जिम्मेदारी किसकी होगी? प्रशासन से अपेक्षा की जा रही है कि किसी अनहोनी का इंतजार करने के बजाय समय रहते ठोस कार्रवाई करे।




