अब स्कूल नहीं कर सकेंगे किताब-ड्रेस की जबरन बिक्री, रायगढ़ कलेक्टर के निर्देश पर शिक्षा विभाग सख्त, फीस व किताबों में मनमानी पर होगी कार्रवाई

निजी विद्यालयों पर प्रशासन का शिकंजा, सूचना पटल पर फीस व पाठ्यक्रम प्रदर्शित करना अनिवार्य
जिले में शिक्षा का अधिकार अधिनियम (RTE) के प्रभावी क्रियान्वयन को लेकर प्रशासन ने सख्त रुख अपनाया है। कलेक्टर मयंक चतुर्वेदी के निर्देश पर जिला शिक्षा अधिकारी डॉ. राव ने जिले के सभी अशासकीय (निजी) विद्यालयों के संचालकों की बैठक लेकर आवश्यक दिशा-निर्देश जारी किए। बैठक में आगामी शैक्षणिक सत्र 2026-27 के लिए निर्धारित नियमों का कड़ाई से पालन सुनिश्चित करने के निर्देश दिए गए।
प्रशासन के प्रमुख निर्देश
गणवेश का नमूना विद्यालय में प्रदर्शित करना अनिवार्य पाठ्यपुस्तकों व पाठ्यक्रम की सूची सूचना पटल पर लगाना होगा
फीस का मदवार विवरण सार्वजनिक करना जरूरी
छात्र कहीं से भी किताब व ड्रेस खरीदने के लिए स्वतंत्र
स्कूल अपने नाम से कॉपी-किताब नहीं छपवा सकेंगे
नियम तोड़ने पर मान्यता समाप्ति की कार्रवाई
जिला शिक्षा अधिकारी डॉ. राव ने स्पष्ट किया कि सभी निजी विद्यालय अपने यहां लागू गणवेश का नमूना विद्यालय परिसर में प्रदर्शित करेंगे। इसके साथ ही नए शैक्षणिक सत्र में लागू पाठ्यक्रम एवं पुस्तकों की सूची सूचना पटल पर अनिवार्य रूप से चस्पा करनी होगी। सूचना पटल पर यह भी स्पष्ट उल्लेख करना होगा कि विद्यार्थी गणवेश एवं पाठ्यपुस्तकें खुले बाजार से अपनी सुविधा अनुसार कहीं से भी खरीद सकते हैं। किसी भी पालक या विद्यार्थी को किसी विशेष दुकान से सामग्री खरीदने के लिए बाध्य नहीं किया जाएगा।

बैठक में विद्यालयों को निर्देशित किया गया
अधिसूचित फीस का मदवार विवरण भी सूचना पटल पर प्रदर्शित किया जाए। साथ ही विद्यालय की विभागीय मान्यता एवं संबंधित शिक्षा बोर्ड की संबद्धता की प्रति सार्वजनिक रूप से प्रदर्शित करना अनिवार्य होगा, ताकि पालकों को पारदर्शी जानकारी उपलब्ध हो सके।
डॉ. राव ने शिक्षा संहिता के अध्याय-6 की कंडिका 95 एवं 96 के अनुसार ही पाठ्यपुस्तकों का चयन करने के निर्देश दिए। चयनित पुस्तकों की सूची संबंधित बोर्ड से अनुमोदित कर सूचना पटल पर प्रदर्शित करने के साथ उसकी एक प्रति जिला शिक्षा कार्यालय में जमा कराना भी अनिवार्य रहेगा। कंडिका 97 के तहत निर्धारित प्रक्रिया का पालन किए बिना स्वीकृत पाठ्यपुस्तकों में किसी प्रकार का परिवर्तन नहीं किया जा सकेगा।

उन्होंने स्पष्ट रूप से कहा कि कोई भी विद्यालय अपने नाम से कॉपी या पुस्तकों का मुद्रण नहीं कराएगा और न ही विद्यार्थियों को किसी विशेष दुकान से सामग्री खरीदने के लिए बाध्य करेगा।
जिला प्रशासन ने चेतावनी
यदि किसी भी विद्यालय में नियमों के विपरीत स्थिति पाई जाती है तो संबंधित संस्था के विरुद्ध नियमानुसार मान्यता समाप्ति की कार्रवाई की जाएगी, जिसकी पूर्ण जिम्मेदारी संस्था प्रबंधन की होगी।




