हादसा हुआ तो कौन होगा जिम्मेदार? ढाँगरनाला पुल की जर्जर सड़क पर सिस्टम की चुप्पी, आखिर जिम्मेदारी से क्यों भाग रहे जिम्मेदार?

धरमजयगढ़। धरमजयगढ़ कॉलोनी स्थित ढाँगरनाला पुल की सड़क की बदहाल तस्वीर अब जिम्मेदार विभाग की कार्यप्रणाली पर सवाल खड़े कर रही है। पुल के ऊपर सड़क की सतह जगह-जगह बुरी तरह टूट चुकी है, बड़े-बड़े गड्ढे बन गए हैं और कई हिस्सों में सड़क की ऊपरी परत पूरी तरह उखड़ती नजर आ रही है। तस्वीर देखकर साफ है कि राहगीरों को इस खराब सड़क से होकर गुजरने में परेशानी का सामना करना पड़ रहा है।
कुछ साल में ही सड़क का यह हाल, आखिर निर्माण में क्या हुआ?

जानकारी के अनुसार यह मार्ग PWD के अंतर्गत आता है और ढाँगरनाला पुल का निर्माण बालाजी कंस्ट्रक्शन द्वारा किया गया बताया जा रहा है। ऐसे में सबसे बड़ा सवाल यह है कि आखिर कुछ वर्षों में ही सड़क की हालत इतनी खराब कैसे हो गई?
सड़क पर जगह-जगह टूट-फूट और गड्ढे यह सवाल खड़ा कर रहे हैं कि निर्माण के दौरान गुणवत्ता के मानकों का कितना पालन किया गया था? क्या निर्माण सामग्री की गुणवत्ता और सड़क की मजबूती की पर्याप्त निगरानी हुई थी? अगर हुई थी तो फिर इतनी जल्दी सड़क बदहाल क्यों हो गई?
पुल नहीं धंसा, लेकिन सड़क की हालत बेहद खराब
तस्वीर में पुल के धंसने जैसी स्थिति स्पष्ट नहीं दिखाई देती, लेकिन पुल के ऊपर बनी सड़क की खस्ता हालत जरूर गंभीर चिंता का विषय है। कई स्थानों पर सड़क की परत उखड़ गई है और बड़े-बड़े गड्ढे दिखाई दे रहे हैं। बारिश के दौरान इन गड्ढों में पानी भरने से स्थिति और खराब होने की आशंका है।
दोपहिया वाहन चालकों के लिए ऐसे गड्ढे खास तौर पर जोखिम पैदा कर सकते हैं। रात के समय इनकी गंभीरता और बढ़ सकती है, क्योंकि गड्ढों का सही अंदाजा लगाना मुश्किल होता है।
सरकारी निर्माण पर सवाल, क्या होगी जिम्मेदारी तय?

जनता के पैसों से तैयार होने वाले सड़क और पुल यदि कुछ ही वर्षों में मरम्मत मांगने लगें तो यह सिर्फ सड़क की खराब स्थिति नहीं, बल्कि निर्माण गुणवत्ता और निगरानी व्यवस्था पर भी गंभीर सवाल है।
स्थानीय लोगों का कहना है कि विभाग को मौके का निरीक्षण कर यह पता लगाना चाहिए कि सड़क इतनी जल्दी क्यों खराब हुई। केवल गड्ढों पर खानापूर्ति के तौर पर पैचवर्क करने के बजाय निर्माण की गुणवत्ता और सड़क की वास्तविक स्थिति की तकनीकी जांच की जानी चाहिए।
हादसे के बाद जागेगा विभाग या पहले होगी कार्रवाई?
स्थानीय नागरिकों की मांग है कि PWD विभाग तत्काल ढाँगरनाला पुल का निरीक्षण कर सड़क की मरम्मत कराए और निर्माण की गुणवत्ता की जांच करे। यदि जांच में घटिया सामग्री, तकनीकी खामी या लापरवाही सामने आती है तो जिम्मेदार अधिकारी और निर्माण एजेंसी के खिलाफ नियमानुसार कार्रवाई की जानी चाहिए।
सवाल सीधा है—कुछ साल पहले बने पुल की सड़क इतनी जल्दी बदहाल क्यों हुई?
क्या जिम्मेदार विभाग इसका जवाब देगा, या फिर गड्ढों पर महज खानापूर्ति का पैचवर्क कर मामले को ठंडे बस्ते में डाल दिया जाएगा?
अब जरूरत हादसा होने का इंतजार करने की नहीं, बल्कि उससे पहले जिम्मेदारी तय करने और स्थायी समाधान करने की है।



