धरमजयगढ़ में ग्रामीण पूछ रहे जमीन देना हैं या नहीं —’हमारी जमीन का ठेका अध्यक्ष, पार्षद और सरपंच को किसने दिया, लेटर सामने आने के बाद मचा बावाल…..

- कही ड्रोन सर्वे में देरी करवाकर अवैध निर्माण की तों नहीं तैयारी… सूत्रों से मिली जानकारी के अनुसार सर्वे की जानकारी मिलते ही रातो रात भारतमाला के तर्ज पर निर्माण शुरू….?
धरमजयगढ़ क्षेत्र के प्रस्तावित दुर्गापुर कोल ब्लॉक परियोजना को लेकर एक लेटर सामने आया हैं जिसमें नगर पंचायत अध्यक्ष पार्षद और सरपंच का मुहर दिखाई पड़ रहा हैं। वही लेटर में कोयला खदान का विरोध तों कही दिखाई नहीं पड़ रहा उल्टा कुछ एकड़ बचें ज़मीन के अधिग्रहण भी करने की बातें की जा रही जिससे अब लोंग कहने लगे हैं कि हमारी ज़मीन देनी हैं या नहीं ये तय करने वाले अध्यक्ष, पार्षद और सरपंच कौन होते हैं। ज़ब पहले से ज़मीन नहीं देने का विरोध चल रहा तब ये लोंग कौन होते हैं ज़मीन देने कि बाते करने वाले। लेटर के अनुसार मुख्य प्रबंधक को लेटर सौंपकर स्पष्ट किया कि वे परियोजना का विरोध नहीं कर रहे हैं, बल्कि उनका कहना है कि यदि खदान परियोजना लागू होनी है तो गांव की केवल कुछ भूमि नहीं, बल्कि पूरी भूमि और बस्ती का भी अधिग्रहण किया जाए। लेटर में बताया गया है कि प्रस्तावित योजना के तहत लगभग 300 एकड़ कृषि भूमि और बस्ती को छोड़कर शेष भूमि का अधिग्रहण किया जा रहा है, जिससे गांव चारों तरफ से खदान क्षेत्र से घिर जाएगा।
चारों ओर खदान, बीच में गांव…बताई बड़ी चिंता पर खदान का नहीं विरोध..?

बताया जा रहा हैं कि यदि गांव के चारों ओर खनन होगा और बीच में आबादी बची रहेगी तो वहां रहना मुश्किल हो जाएगा। खदान संचालन के दौरान होने वाली ब्लास्टिंग, धूल, प्रदूषण, भारी वाहनों की आवाजाही, कंपन और पर्यावरणीय प्रभाव सीधे ग्रामीणों के स्वास्थ्य, सुरक्षा और आजीविका पर असर डालेंगे। उनका कहना है कि ऐसी स्थिति में गांव का सामान्य जीवन पूरी तरह प्रभावित होगा और लोग सम्मानपूर्वक जीवन-यापन नहीं कर पाएंगे। इसी कारण इन्होने आधे-अधूरे अधिग्रहण के बजाय पूरे गांव के अधिग्रहण की मांग की है पर यह नहीं कहा की खनन ही ना हो क्यों..?
ड्रोन सर्वे और अन्य गतिविधियों पर रोक लगाने की मांग
लेटर के अनुसार मांग की है कि जब तक इस संबंध में प्रशासन और संबंधित कंपनी द्वारा स्पष्ट एवं लिखित निर्णय नहीं लिया जाता, तब तक ग्राम शाहपुर में ड्रोन सर्वे, सर्वेक्षण और परियोजना से जुड़ी अन्य सभी गतिविधियों पर तत्काल रोक लगाई जाए। ज्ञापन की प्रतिलिपि जिला कलेक्टर, अनुविभागीय अधिकारी (राजस्व), तथा एसईसीएल प्रबंधन को भी भेजी गई है। अब इस मांग के बाद यह देखना महत्वपूर्ण होगा कि जिला प्रशासन इस अनोखी मांग पर क्या निर्णय लेता है।
दुर्गापुर खदान क्षेत्र में फार्म घर निर्माण करने वाले ध्यान दें…! 29 जून से अधिग्रहित जमीन पर ड्रोन सर्वे, SECL का आधिकारिक पत्र जारी, क्या हाल में हो रहें निर्माण पर मिलेगा मुआब्जा..?




