धरमजयगढ़ में भू-माफियाओं के कारनामों से मचा हड़कंप! आदिवासी मझवार से चौहान और फिर 3 समान्य व्यक्ति नें खरीदा ज़मीन

धरमजयगढ़ क्षेत्र में जमीनों के रिकॉर्ड को लेकर एक के बाद एक गंभीर सवाल सामने आ रहे हैं। आरोप है कि आदिवासी मझवार समुदाय के भू-स्वामी की लगभग 7 एकड़ भूमि को रिकॉर्ड में जाति बदलकर चौहान दर्शाया गया और बाद में पूरी जमीन को तीन अलग-अलग धरमजयगढ़ के सामान्य वर्ग के व्यक्तियों के नाम विक्रय कर दिया गया। सबसे बड़ा सवाल यह है कि मिशल रिकॉर्ड और अधिकार अभिलेख में भू-स्वामी का नाम एवं जाति मझवार दर्ज होने के बावजूद, वर्तमान दस्तावेजों में वही व्यक्ति चौहान कैसे हो गया?मामले में प्राप्त दस्तावेजों के अनुसार मिशल रिकॉर्ड और अधिकार अभिलेख में मझवार जाति का उल्लेख होने का दावा किया जा रहा है, जबकि वर्तमान रजिस्ट्री दस्तावेज, बी-1 एवं आधार कार्ड में जाति चौहान दर्ज बताई जा रही है।
7 एकड़ जमीन तीन हिस्सों में खपाने का आरोप
आरोप है कि पूरी करीब 7 एकड़ भूमि को तीन अलग-अलग सामान्य वर्ग के व्यक्तियों को विक्रय कर दिया गया। ऐसे में अब जांच का केंद्र यह रहेगा कि भूमि की मूल स्थिति क्या थी, भू-स्वामी की वास्तविक जाति क्या थी, रिकॉर्ड में जाति परिवर्तन कब और किस आधार पर हुआ तथा बिक्री की अनुमति किस प्रक्रिया के तहत हुई।
मिशल से रजिस्ट्री तक रिकॉर्ड की होगी जांच
मामले में शिकायतकर्ता अब कलेक्टर, राजस्व मंडल एवं संबंधित उच्च अधिकारियों के समक्ष दस्तावेजों के साथ शिकायत प्रस्तुत करने की तैयारी में हैं। शिकायत में पुराने मिशल रिकॉर्ड, अधिकार अभिलेख, बी-1, रजिस्ट्री दस्तावेज और अन्य संबंधित अभिलेखों का मिलान कराकर पूरे मामले की उच्च स्तरीय जांच की मांग की जाएगी।अब सवाल सिर्फ 7 एकड़ जमीन का नहीं, बल्कि यह है कि अगर पुराने राजस्व अभिलेखों में भू-स्वामी मझवार था तो बाद के दस्तावेजों में चौहान कैसे बन गया?




