दुर्गापुर खदान क्षेत्र में फार्म घर निर्माण करने वाले ध्यान दें…! 29 जून से अधिग्रहित जमीन पर ड्रोन सर्वे, SECL का आधिकारिक पत्र जारी, क्या हाल में हो रहें निर्माण पर मिलेगा मुआब्जा..?

धरमजयगढ़ क्षेत्र की बहुप्रतीक्षित दुर्गापुर खुली खदान (ओपन कास्ट) परियोजना अब एक और महत्वपूर्ण चरण में प्रवेश करने जा रही है। दक्षिण पूर्वी कोलफील्ड्स लिमिटेड (SECL) रायगढ़ क्षेत्र द्वारा जारी आधिकारिक पत्र के अनुसार 29 जून 2026 से अधिग्रहित भूमि पर ड्रोन सर्वेक्षण कराया जाएगा। इस संबंध में दुर्गापुर ग्राम पंचायत के सरपंच को पत्र भेजकर पहले से सूचना दी गई है ताकि ग्रामीणों को इसकी जानकारी दी जा सके और सर्वे कार्य में सहयोग मिल सके। SECL द्वारा जारी पत्र में स्पष्ट किया गया है कि सर्वे का उद्देश्य अधिग्रहित भूमि की सीमांकन स्थिति, वन क्षेत्र की स्थिति तथा परियोजना क्षेत्र में आवश्यक अधोसंरचना की योजना तैयार करना है। इसके साथ ही भविष्य में परियोजना के विस्तार और विकास कार्यों के लिए जरूरी तकनीकी आंकड़े भी जुटाए जाएंगे,
वही ड्रोन सर्वें से पहले हो रहें निर्माण पर मुआब्जा मिलेगा या नहीं सवालीय निशान खड़ा हैं तरह तरह की चर्चाएं सामने आ रहें थी जिसमे हाल ही में हुए किसी भी प्रकार के निर्माण कार्य के मुआब्जे को लेकर प्रशासन चिंतित दिखाई पड़ रहा था,जानकारी के अनुसार अबतक कोई अधिकारिक पत्र जारी नहीं हुआ हैं जिसमें निर्माण कार्य पर रोक लगाया गया हो ऐसे में शासन -प्रशासन हाल ही में हुए भारतमाला मामले के तरह ग्रामीणों के साथ अन्याय ना करें और सर्वे से पहले तक सभी निर्माण कार्य का मुआब्जा ग्रामीणों को दें…।

कलेक्टर के NOC और प्रशासनिक अनुमति के बाद होगी कार्रवाई
पत्र में उल्लेख किया गया है कि ड्रोन सर्वेक्षण रायगढ़ कलेक्टर द्वारा जारी NOC तथा अनुविभागीय अधिकारी (राजस्व), धरमजयगढ़ से प्राप्त अनुमति के आधार पर किया जाएगा। SECL ने यह भी स्पष्ट किया है कि पूरा सर्वे DGCA Drone Rules-2021 के प्रावधानों का पालन करते हुए किया जाएगा।इससे साफ संकेत मिल रहे हैं कि प्रशासनिक स्तर पर परियोजना की प्रक्रिया तेजी से आगे बढ़ रही है। लंबे समय से चर्चा में रही दुर्गापुर खुली खदान परियोजना अब जमीन पर सक्रिय होती दिखाई दे रही है। ड्रोन सर्वे के बाद आगे सीमांकन, तकनीकी रिपोर्ट और अन्य प्रक्रियाओं में भी तेजी आने की संभावना जताई जा रही है।
क्या अब परियोजना का विरोध होगा तेज या विकास की ओर बढ़ेगा दुर्गापुर?
SECL के इस पत्र ने एक बार फिर दुर्गापुर परियोजना को चर्चा के केंद्र में ला दिया है। जहां एक ओर कंपनी इसे विकास और कोयला उत्पादन के लिए आवश्यक कदम बता रही है, वहीं दूसरी ओर स्थानीय ग्रामीणों और प्रभावित परिवारों की निगाहें अब आगे की प्रक्रिया पर टिकी हुई हैं।ड्रोन सर्वे शुरू होने के साथ यह लगभग तय माना जा रहा है कि परियोजना की औपचारिक गतिविधियां अब तेजी पकड़ेंगी। हालांकि आने वाले दिनों में यह देखना महत्वपूर्ण होगा कि सर्वे के दौरान ग्रामीणों का रुख क्या रहता है और परियोजना से जुड़े पुनर्वास, मुआवजा तथा अन्य मुद्दों पर प्रशासन और SECL किस तरह आगे बढ़ते हैं। दुर्गापुर परियोजना अब निर्णायक मोड़ पर पहुंचती नजर आ रही है।
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