इलाज करने बैठे थे डॉक्टर साहब, लेकिन डिग्री दिखाने की बारी आई तो हाथ खाली! प्रशासन का एक्शन

धरमजयगढ़ क्षेत्र के ग्राम सकरलिया में लंबे समय से अवैध रूप से संचालित हो रहे क्लिनिक पर प्रशासन ने बड़ी कार्रवाई की है। दिनांक 29 अक्टूबर 2026 को प्राप्त सूचना के आधार पर तहसीलदार हितेश साहू एवं स्वास्थ्य विभाग की संयुक्त टीम ने क्लिनिक में औचक निरीक्षण किया। इस कार्रवाई में तहसीलदार और बीएमओ (खंड चिकित्सा अधिकारी) गजानंद राठिया की मौजूदगी में स्वास्थ्य विभाग की टीम ने क्लिनिक के संचालन से जुड़े दस्तावेजों की जांच की। बताया जा रहा है कि उक्त क्लिनिक का संचालन विगत कई वर्षों से किया जा रहा था।
न डिग्री मिली, न क्लिनिक का लाइसेंस, संचालक ने खुद स्वीकार की बिना मान्य उपाधि के इलाज करने की बात

निरीक्षण के दौरान टीम ने क्लिनिक संचालक उत्तम विश्वास से उनकी चिकित्सकीय शैक्षणिक योग्यता और क्लिनिक संचालन का वैध लाइसेंस प्रस्तुत करने को कहा। लेकिन जांच के दौरान संचालक के पास न तो कोई मान्य चिकित्सकीय उपाधि मिली और न ही क्लिनिक संचालन से संबंधित कोई वैध दस्तावेज प्रस्तुत किया जा सका। जानकारी के अनुसार, संचालक ने स्वयं स्वीकार किया कि उनके पास कोई मान्य चिकित्सकीय उपाधि नहीं है। इसके बाद टीम ने मामले को गंभीरता से लेते हुए नियमानुसार कार्रवाई की प्रक्रिया शुरू की।
तहसीलदार और BMO की संयुक्त कार्रवाई से क्लिनिक सील, वर्षों से चल रहे अवैध चिकित्सा कारोबार पर लगा ताला

बिना मान्य चिकित्सकीय योग्यता और आवश्यक दस्तावेजों के क्लिनिक का संचालन किए जाने की पुष्टि के बाद संयुक्त टीम ने तत्काल कार्रवाई करते हुए क्लिनिक को सील कर दिया। इस कार्रवाई से क्षेत्र में अवैध रूप से चिकित्सा सेवाएं संचालित करने वालों में हड़कंप मच गया है। ग्रामीण क्षेत्रों में बिना मान्य डिग्री और जरूरी अनुमति के इलाज करने वाले लोगों की मौजूदगी आम नागरिकों के स्वास्थ्य के लिए गंभीर खतरा बन सकती है। ऐसे में प्रशासन की इस कार्रवाई को महत्वपूर्ण माना जा रहा है। अब यह भी जरूरी है कि क्षेत्र में संचालित अन्य क्लिनिकों की भी नियमित जांच हो, ताकि ग्रामीणों की सेहत के साथ खिलवाड़ करने वालों पर समय रहते कार्रवाई की जा सके।




