“NHAI का विकास या ग्रामीणों का विनाश? मुआवजे पर भड़के धरमजयगढ़ के लोग! सडक निर्माण का कार्य रोकवाने की चेतावनी…”

धरमजयगढ़ क्षेत्र के बायसी कॉलोनी अंतर्गत मेढरमार में भारतमाला परियोजना के तहत भूमि अधिग्रहण और मुआवजे को लेकर ग्रामीणों में भारी नाराजगी देखने को मिल रही है। ग्रामीण इतने नाराज है की वह NHAI के द्वारा निर्माण किया जा रहा भारतमाला सडक का कार्य रोक लगाने की बाते कह रहें है।
ग्रामीणों का कहना है कि उनकी जमीन और मकानों के बदले दिया जा रहा मुआवजा पर्याप्त नहीं है। वहीं, पुनर्वास की उचित व्यवस्था नहीं होने से उनके सामने रहने का संकट भी खड़ा हो गया है। ग्रामीणों का आरोप है कि परियोजना के निर्माण पर तो ध्यान दिया जा रहा है, लेकिन जिन परिवारों को अपना घर और जमीन छोड़नी पड़ सकती है, उनकी समस्याओं को नजरअंदाज किया जा रहा है।
कोयला खदान क्षेत्र के कारण बदला सड़क का एलाइनमेंट, अब गांव के बीच से गुजरेगी सड़क
जानकारी के अनुसार, कोयला खदान क्षेत्र से प्रभावित होने के कारण भारतमाला सड़क के करीब 7 किलोमीटर हिस्से का एलाइनमेंट बदलकर दोबारा भूमि अधिग्रहण की प्रक्रिया की जा रही है। ग्रामीणों का कहना है कि पहले प्रस्तावित सड़क गांव के बाहर से गुजरने वाली थी, लेकिन एलाइनमेंट में बदलाव के बाद अब सड़क गांव के बीचोंबीच से गुजर रही है। इससे कई परिवारों के घर और जमीन प्रभावित हो रहा है। ग्रामीणों के सामने सबसे बड़ा सवाल यह है कि सड़क निर्माण के लिए उनकी जमीन ली जा रही है, लेकिन बदले में पर्याप्त मुआवजा और रहने के लिए वैकल्पिक जमीन की व्यवस्था कौन करेगा?
1955-60 में सरकार ने बसाए थे परिवार, आज तक नहीं मिला पट्टा; अब उचित मुआवजे की मांग
ग्रामीणों के मुताबिक, जिस जमीन पर वे वर्षों से घर बनाकर रह रहे हैं, वहां सरकार ने ही 1955 से 1960 के बीच बांग्लादेश से विस्थापित परिवारों को जमीन देकर बसाया था। इसके बावजूद ग्रामीणों का कहना है कि उन्हें अब तक जमीन का पट्टा नहीं मिल पाया है। ऐसे में भूमि अधिग्रहण और मुआवजे का मामला उनके लिए और भी गंभीर हो गया है।
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