BS Ispat कंपनी के जनसुनवाई पर रोक लगाने कलेक्टर को ज्ञापन..क्या जनसुनवाई पर लगेगा विराम ..?

घरघोड़ा तहसील के ग्राम चारमार निवासी ने जिला कलेक्टर रायगढ़ को एक आवेदन देकर पैतृक भूमि विवाद की जांच होने तक BS Ispat (बीएस इस्पात) कंपनी द्वारा प्रस्तावित औद्योगिक परियोजना और 28 सितंबर 2026 को होने वाली पर्यावरण जनसुनवाई पर तत्काल अंतरिम रोक (Stay) लगाने की मांग की है।
प्रमुख बिंदु और मांगें:
* अंतिम बंटवारा एवं सीमांकन लंबित: आवेदक के अनुसार, खसरा नंबर 86 और उससे विभाजित उप-खसरों का अंतिम बंटवारा व सीमांकन राजस्व न्यायालय में लंबित है। बंटवारा पूर्ण हुए बिना कंपनी को भूमि बेचने/हस्तांतरित करने से विवाद गहरा गया है।
* 1979 से राजस्व अभिलेखों की गहन जांच की मांग: आवेदक का आरोप है कि वर्ष 1979 से वर्तमान तक खसरा नंबर 86 के रकबे में कई बदलाव, नामांतरण और बिक्री हुई है। बिना विधिक वारिसों की सहमति/दस्तावेजों के जमीन का हस्तांतरण किए जाने का अंदेशा जताया गया है।
* कंपनी द्वारा खरीदी गई जमीन पर सवाल: BS Ispat कंपनी द्वारा खसरा नंबर 86 के विभिन्न उप-खसरों (जैसे 86/1, 86/2, 86/7, 86/33, 86/42 आदि) की खरीदी की वैधता और विक्रेताओं के वास्तविक हिस्सों की गहन निष्पक्ष जांच कराने का निवेदन किया गया है।
* रेलवे अधिग्रहण (2012) मुआवजा जांच: वर्ष 2012 में रेलवे द्वारा अधिग्रहित भूमि के मुआवजे व रिकॉर्ड्स की जांच कर वास्तविक हकदारों को वैधानिक अधिकार देने की मांग की गई है।
* जनसुनवाई और निर्माण कार्य रोकने की अपील: आवेदक ने मांग की है कि जब तक लंबित बंटवारा/नामांतरण का मामला सुलझ नहीं जाता, तब तक विवादित जमीन पर समतलीकरण, निर्माण या प्रकृति बदलने जैसे कार्यों पर रोक (Stay) लगाई जाए और 28.09.2026 को प्रस्तावित पर्यावरण जनसुनवाई में इस आवेदन को रिकॉर्ड पर लिया जाए।
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