धरमजयगढ़ में कोयला खदान प्रभावितों को बड़ी राहत की उम्मीद! मुख्यमंत्री के आश्वासन के बाद जगी उम्मीद

रायगढ़ जिले के धरमजयगढ़ तहसील में एसईसीएल, केपीसीएल की प्रस्तावित कोयला खदान परियोजना से प्रभावित ग्रामीणों और विस्थापित परिवारों के लिए राहत भरी खबर सामने आई है। जानकारी के अनुसार छत्तीसगढ़ सरकार की स्वामित्व योजना के तहत आबादी भूमि पर भूमिस्वामी अधिकार प्रदान करने का आश्वासन मिलने से प्रभावित परिवारों में उम्मीद जगी है। लंबे समय से आबादी भूमि के मालिकाना हक की मांग कर रहे लोगों के लिए इसे महत्वपूर्ण पहल माना जा रहा है। इस संबंध में 4 नवंबर 2026 को मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय के नाम ज्ञापन सौंपकर कोयला खदान प्रभावित किसानों और विस्थापित परिवारों की समस्याओं को उठाया गया था। ज्ञापन में एसईसीएल द्वारा प्रस्तावित कोयला खदान परियोजना से प्रभावित सात गांवों की लगभग 4144 एकड़ भूमि तथा केपीसीएल प्रभावित क्षेत्र की लगभग 3890 एकड़ भूमि का उल्लेख किया गया है। इसमें करीब 40 से 50 हजार किसानों के प्रभावित होने की बात कही गई है।
1960 से 1980 के बीच बसाई गई पुनर्वास कॉलोनियों में आज तक नहीं मिला आबादी पट्टा, भूमिस्वामी अधिकार की उठी मांग

ज्ञापन में धरमजयगढ़ कॉलोनी, दुर्गापुर कॉलोनी, मेढरमार कॉलोनी, बायसी कॉलोनी और शाहपुर कॉलोनी का मुद्दा प्रमुखता से उठाया गया है। ज्ञापन के अनुसार इन कॉलोनियों को पुनर्वास विभाग द्वारा वर्ष 1960 से 1980 के बीच बसाया गया था, लेकिन यहां रहने वाले परिवारों को आज तक आबादी भूमि का पट्टा प्रदान नहीं किया गया है। ज्ञापन में लगभग 652 खातेदार परिवारों का भी उल्लेख है, जिन्हें जीवनयापन के लिए 5 से 7 एकड़ तक भूमि उपलब्ध कराई गई थी।

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