एक साथ 2 FIR से धरमजयगढ़ में तहलका, मौसम कब्जे में…खाद्य विभाग की लापरवाही उजागर…

धरमजयगढ़ विकासखंड में शासकीय राशन व्यवस्था में गड़बड़ी को लेकर प्रशासन ने कड़ा रुख अपनाया है। अबतक खाद्य विभाग की लापरवाही के कारण ही यह घोटाला को अंजाम दिया गया हैं। अगर खाद्य विभाग तत्पर रहता तब आज लाखों का घोटाला सामने नहीं आता क्युकी लाखों का घोटाला 1 दिन में तो नहीं किया जा सकता हैं। वही जांच के दौरान ग्राम ससकोबा की शासकीय उचित मूल्य दुकान क्रमांक 412009078 में भौतिक सत्यापन किया गया, जिसमें 499.65 क्विंटल चावल, 5.37 क्विंटल शक्कर और 8.03 क्विंटल नमक की कमी पाई गई। दस्तावेजों के अनुसार राशन की कमी की अनुमानित कीमत करीब 12 लाख 89 हजार 375 रुपये बताई गई है।जांच के बाद दुकान संचालक एजेंसी सरोज स्व-सहायता समूह से जुड़े जिम्मेदार व्यक्तियों के खिलाफ कार्रवाई की अनुशंसा की गई और धरमजयगढ़ थाने में FIR दर्ज कराई गई है। मामले में भारतीय न्याय संहिता की धारा 316(5), 3(5) तथा आवश्यक वस्तु अधिनियम 1955 की धारा 3 और 7 के तहत अपराध दर्ज किया गया है।

गनपतपुर में भी राशन का बड़ा खेल? 18.86 लाख की कमी, दूसरी FIR
वहीं ग्राम गनपतपुर की शासकीय उचित मूल्य दुकान क्रमांक 412009080 की जांच में भी बड़ी अनियमितता सामने आई। जांच रिपोर्ट के मुताबिक दुकान में 704.93 क्विंटल चावल, 15.34 क्विंटल शक्कर और 31.98 क्विंटल नमक की कमी पाई गई। इसकी अनुमानित कीमत करीब 18 लाख 86 हजार 345 रुपये बताई गई है।जांच रिपोर्ट के आधार पर दुकान संचालक जननी महिला स्व-सहायता समूह से संबंधित जिम्मेदार व्यक्तियों के खिलाफ भी धरमजयगढ़ थाने में FIR दर्ज कराई गई है।

रिपोर्ट में सार्वजनिक वितरण प्रणाली के नियंत्रण आदेश 2016 के कई प्रावधानों के उल्लंघन के साथ आवश्यक वस्तु अधिनियम के तहत दंडनीय अपराध का उल्लेख किया गया है।यानी धरमजयगढ़ में दो राशन दुकानों की जांच में कुल करीब 31.75 लाख रुपये के खाद्यान्न की कमी सामने आने के बाद दो अलग-अलग FIR ने राशन व्यवस्था पर गंभीर सवाल खड़े कर दिए हैं। अब पुलिस जांच में यह साफ होगा कि इतनी बड़ी मात्रा में राशन की कमी कैसे हुई और इसके लिए जिम्मेदार कौन है।
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