नींद से जागो बीईओ साहब, धरमजयगढ़ के उर्सुलाइन कन्या स्कूल में छात्राओं से सड़क पर लगवाया जा रहा झाड़ू…

धरमजयगढ़। धरमजयगढ़ स्थित उर्सुलाइन कन्या स्कूल से जुड़ा एक मामला शुक्रवार 19 जून को सामने आया है, जिसने शिक्षा व्यवस्था और स्कूल प्रबंधन की कार्यशैली पर गंभीर सवाल खड़े कर दिए हैं। स्कूल परिसर की सड़क पर दो छात्राओं से झाड़ू लगवाया गया। दोनों छात्राएं स्कूल ड्रेस में थीं और विद्यालय परिसर के भीतर सड़क की सफाई करती दिखाई दीं। घटना का वीडियो और तस्वीरें सामने आने के बाद लोगों में नाराजगी देखी जा रही है।
पढ़ाई छोड़ सफाई कार्य क्यों? अभिभावकों ने उठाए सवाल
स्थानीय लोगों और अभिभावकों का कहना है कि बच्चों का काम विद्यालय में शिक्षा प्राप्त करना है, न कि सफाई जैसे कार्य करना। यदि विद्यालय परिसर की सफाई की आवश्यकता है तो उसके लिए कर्मचारी और व्यवस्थाएं मौजूद होनी चाहिए। ऐसे में छात्राओं से झाड़ू लगवाना उचित नहीं माना जा सकता। लोगों का कहना है कि यदि यह गतिविधि स्वच्छता जागरूकता कार्यक्रम का हिस्सा नहीं थी, बल्कि नियमित सफाई कार्य था, तो इसकी जांच होना आवश्यक है।
शिक्षा के अधिकार और बाल संरक्षण के नियमों पर भी चर्चा
शिक्षा विशेषज्ञों का मानना है कि विद्यालयों में बच्चों की गरिमा और अधिकारों का विशेष ध्यान रखा जाना चाहिए। स्कूल प्रशासन की जिम्मेदारी है कि छात्र-छात्राओं को गुणवत्तापूर्ण शिक्षा और सुरक्षित वातावरण उपलब्ध कराए। ऐसे मामलों में यह भी देखा जाना चाहिए कि कहीं बच्चों से उनकी इच्छा के विरुद्ध कोई कार्य तो नहीं कराया गया। हालांकि इस मामले में स्कूल प्रबंधन का पक्ष अभी सामने नहीं आया है, इसलिए सभी तथ्यों की निष्पक्ष जांच आवश्यक है।

“नींद से जागो BEO साहब”—जांच और कार्रवाई की उठी मांग
घटना सामने आने के बाद क्षेत्र में यह मांग तेज हो गई है कि विकासखंड शिक्षा अधिकारी (BEO) मामले का संज्ञान लें और जांच कराएं। लोगों का कहना है कि यदि छात्राओं से वास्तव में सफाई कार्य कराया गया है तो जिम्मेदारों के खिलाफ नियमानुसार कार्रवाई होनी चाहिए, ताकि भविष्य में किसी भी विद्यालय में बच्चों से इस प्रकार के कार्य न कराए जाएं। शिक्षा के मंदिर में बच्चों के हाथों में किताबें शोभा देती हैं, झाड़ू नहीं। अब सभी की निगाहें शिक्षा विभाग पर टिकी हैं कि वह इस मामले में क्या कदम उठाता है।
इस संबंध में धरमजयगढ़ BEO को से ज़ब जानकारी लेने का प्रयास किया गया तब उनके तरफ से कोई जवाब नहीं आया
धरमजयगढ़ एसडीएम ने कहा- “आपको नहीं दिया गया है परमिशन”, कर्नाटक पावर कोयला खदान के विरोध में सैकड़ों ग्रामीण पहुंचे आपत्ति दर्ज कराने… परमिशन देने में क्यों हुई देरी….?




