4 पुलिस वाले सस्पेंड, शरीर पर खाकी और सम्बन्ध डीजल चोरो से, एसपी नें किया सस्पेंड….

एसईसीएल गेवरा खदान से करीब 6000 लीटर डीजल चोरी होने की शिकायत वर्ष 2024 में दर्ज हुई थी। खदान जैसे हाई सिक्योरिटी क्षेत्र में लंबे समय तक डीजल चोरी का खेल चलता रहा, लेकिन पुलिस कोई बड़ा खुलासा नहीं कर सकी। सवाल उठ रहा है कि जब चोरी इतनी बड़ी थी तो पुलिस की निगरानी और खुफिया तंत्र क्या कर रहा था? वही एसपी नें ज़ब 4 पुलिसवालों को सस्पेंड किया तब लोगों को समझ आया की ये क्या कर रहें थे। और आखिर चोर बेखौफ होकर वारदात को अंजाम कैसे देते रहे? एसपी नें आदेश में लिखा की अपराधियों के साथ इन पुलिसवालों का प्रथम दृस्टिता में संलिप्तता उनकी संज्ञान में आया जिसके बाद 3 मई को उनको एसपी कोरबा नें निलंबित कर दिया हैं।
ये पुलिसकर्मी हुए निलंबित:1. प्रशांत सिंह – आरक्षक, साइबर सेल 2. गोपाल यादव – प्रधान आरक्षक, कटघोरा थाना 3. राजेश कंवर – प्रधान आरक्षक, मोगरा थाना 4. रोहित राठौर – आरक्षक, मोगरा थाना
पहले सम्बन्ध बाद में ड्यूटी, पुलिस नहीं CISF ने खोली चोरी के खेल की पोल

मामले का खुलासा तब हुआ जब सीआईएसएफ की टीम ने कार्रवाई करते हुए एक आरोपी को 80 लीटर डीजल और चोरी में इस्तेमाल किए जा रहे सामान के साथ पकड़ लिया। यदि सीआईएसएफ कार्रवाई नहीं करती तो शायद यह मामला आज भी फाइलों में दबा रहता। आरोपी की गिरफ्तारी के बाद जिस तरह नए तथ्य सामने आए, उसने पुलिस की कार्यशैली पर और भी गंभीर सवाल खड़े कर दिए हैं।
जांच बढ़ी तो पुलिस विभाग में मचा हड़कंप, 4 पुलिसकर्मी निलंबित
सबसे चौंकाने वाली बात यह रही कि जांच की आंच पुलिस विभाग तक पहुंच गई। आरोपियों से संबंध और संदिग्ध भूमिका सामने आने के बाद चार पुलिसकर्मियों को निलंबित करना पड़ा। इससे लोगों के बीच यह चर्चा तेज हो गई है कि क्या डीजल चोरी का नेटवर्क केवल चोरों के भरोसे चल रहा था या उसे कहीं न कहीं सिस्टम के भीतर से इस पुलिसवालों का भी संरक्षण मिल रहा था? निलंबन ने पुलिस विभाग की साख पर सवाल खड़े कर दिए हैं। अब जनता जानना चाहती है कि यह सिर्फ कुछ कर्मचारियों की गलती थी या फिर पूरे मामले में और भी बड़े नाम सामने आएंगे।
अब सबसे बड़ा सवाल: कई सालों से धरमजयगढ़ और छाल क्षेत्र में भी ट्रकों से डीजल चोरी की घटना हो रही। और अबतक यहां कोई ठोस कार्यवाही नहीं देखने को मिली हैं। 2000 लीटर की कार्यवाही भी रायगढ़ की टीम को आकर छाल क्षेत्र में करना पड़ा तों कही ………….. आखिर कार्यवाही रायगढ़ के भरोसे क्यों …………..?
धरमजयगढ़ में 108 वाहन का चालक का मरीज के जान से खिलवाड़, अस्पताल में खड़ी थी गाड़ी फिर भी नहीं मिली सुविधा..




