किसानों के लिए खुशखबरी: पीएम किसान की 22वीं किस्त 13 मार्च को, सीधे खाते में आएगी राशि…

पीएम किसान योजना की 22वीं किस्त 13 मार्च को जारी, छत्तीसगढ़ के 24.71 लाख किसानों के खाते में आएंगे 498.83 करोड़ रुपये
13 मार्च को पीएम किसान उत्सव, किसानों के खाते में आएगी राशि
रायपुर। प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी 13 मार्च को असम के गुवाहाटी में आयोजित कार्यक्रम के दौरान प्रधानमंत्री किसान सम्मान निधि योजना की 22वीं किस्त जारी करेंगे। इस अवसर पर देशभर के लगभग 9.32 करोड़ किसानों के बैंक खातों में डायरेक्ट बेनिफिट ट्रांसफर (डीबीटी) के माध्यम से 18 हजार 650 करोड़ रुपये की राशि अंतरित की जाएगी। इस कार्यक्रम को देशभर के किसान वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग के माध्यम से देख सकेंगे।
छत्तीसगढ़ के 24.71 लाख किसानों को मिलेगा लाभ
इस योजना के तहत छत्तीसगढ़ के 24 लाख 71 हजार 498 किसानों के खातों में कुल 498.83 करोड़ रुपये की राशि भेजी जाएगी। इसके साथ ही प्रदेश के 2 लाख 92 हजार वन पट्टाधारी किसानों और 37 हजार 400 विशेष पिछड़ी जनजाति (पीवीटीजी) के किसानों को भी योजना का लाभ मिलेगा। राजधानी रायपुर स्थित स्वामी विवेकानंद कृषि महाविद्यालय जोरा से जनप्रतिनिधि और किसान इस कार्यक्रम से जुड़ेंगे।
गांव-गांव में होंगे किसान बैठक और लाइव प्रसारण
कृषि विभाग के अनुसार पीएम किसान उत्सव के अवसर पर प्रदेश की विभिन्न ग्राम पंचायतों में किसान बैठकों का आयोजन किया जाएगा। साथ ही प्रधानमंत्री के कार्यक्रम का लाइव प्रसारण भी कराया जाएगा, ताकि किसान सीधे कार्यक्रम से जुड़कर योजना की जानकारी प्राप्त कर सकें।
किसानों को सालाना मिलते हैं 6 हजार रुपये
गौरतलब है कि प्रधानमंत्री किसान सम्मान निधि योजना की शुरुआत वर्ष 2018 में की गई थी और पहली किस्त फरवरी 2019 में जारी की गई थी। इस योजना के तहत पात्र किसान परिवारों को हर साल 6 हजार रुपये की आर्थिक सहायता दी जाती है, जो 2-2 हजार रुपये की तीन किस्तों में डीबीटी के माध्यम से सीधे किसानों के बैंक खातों में भेजी जाती है
अब तक किसानों को मिल चुके 11 हजार करोड़ से अधिक
योजना की शुरुआत से अब तक छत्तीसगढ़ के किसानों को कुल 11 हजार 283 करोड़ 9 लाख रुपये की सहायता राशि दी जा चुकी है। इससे लाखों किसान परिवारों को आर्थिक सहायता मिली है। इस योजना में भू-अभिलेख में दर्ज सभी एकल और संयुक्त खाताधारक किसान परिवार, वन अधिकार पट्टाधारी किसान और विशेष पिछड़ी जनजाति के किसान भी लाभ प्राप्त करने के पात्र हैं।




