धरमजयगढ़ CMO नें शेष साहू के खिलाफ थाने में FIR के लिए लिखा पत्र, 3.89 लाख के नाली निर्माण भुगतान पर घोटाला… अब क्या पुलिस करेगी कार्रवाई?

*पार्षद जानू सिदार के कारण घोटाले का पर्दाफाश?*
धरमजयगढ़ नगर पंचायत में नाली निर्माण कार्य को लेकर बड़ा विवाद सामने आया है। नगर पंचायत के मुख्य नगर पालिका अधिकारी (CMO) द्वारा थाना प्रभारी धरमजयगढ़ को भेजे गए पत्र में आरोप लगाया गया है कि वार्ड क्रमांक 08 में आगनबाड़ी से यशपाल साहू के घर तक आरसीसी नाली निर्माण कार्य के नाम पर 3 लाख 89 हजार 868 रुपये का भुगतान किया गया, जबकि शिकायत के अनुसार मौके पर उक्त निर्माण कार्य नहीं मिला।पत्र में उल्लेख किया गया है कि शिकायतकर्ता की शिकायत के बाद अधिकारियों द्वारा स्थल का निरीक्षण कराया गया, जहां निर्माण कार्य नहीं पाए जाने की बात सामने आई। इसके बावजूद संबंधित राशि ठेकेदार के खाते में आरटीजीएस के माध्यम से भेजे जाने का उल्लेख किया गया है।
फर्जी माप पुस्तिका बनाकर भुगतान का आरोप

दस्तावेज के अनुसार, ठेकेदार एवं संबंधित अधिकारियों पर मिलीभगत कर फर्जी माप पुस्तिका (एमबी) तैयार करने और उसी के आधार पर भुगतान निकालने का आरोप लगाया गया है। नगर पंचायत द्वारा इसे गंभीर वित्तीय अनियमितता मानते हुए मामले की जांच कर प्राथमिकी दर्ज करने की अनुशंसा थाना धरमजयगढ़ को भेजी गई है। सवाल यह भी उठ रहा है कि आखिर बिना कार्य पूर्ण हुए भुगतान कैसे स्वीकृत हो गया और जिम्मेदार अधिकारियों ने किस आधार पर दस्तावेजों पर हस्ताक्षर किए?
FIR होगी या फाइलों में दब जाएगा मामला?
अब सबसे बड़ा सवाल थाना धरमजयगढ़ की भूमिका को लेकर खड़ा हो गया है। जब स्वयं नगर पंचायत के मुख्य अधिकारी ने लिखित रूप से प्राथमिकी दर्ज करने का आग्रह किया है, तो क्या पुलिस तत्काल अपराध दर्ज कर जांच शुरू करेगी या फिर मामला अन्य कई शिकायतों की तरह फाइलों में दबकर रह जाएगा? क्षेत्र में चर्चा है कि यदि FIR दर्ज होती है तो कई जिम्मेदार चेहरों की भूमिका उजागर हो सकती है। वहीं यदि कार्रवाई नहीं होती, तो यह संदेश जाएगा कि शासकीय राशि के कथित दुरुपयोग के मामलों में भी जवाबदेही तय नहीं हो पा रही है। फिलहाल निगाहें थाना धरमजयगढ़ पर टिकी हैं—CMO के पत्र के बाद क्या FIR दर्ज होगी या फिर यह मामला भी कागजों तक ही सीमित रह जाएगा?




