धरमजयगढ़ में महिला की जमीन की संदिग्ध रजिस्ट्री का आरोप, CCTV फुटेज से खुल सकता है राज, उप पंजीयक के कामकाज पर सवाल…

धरमजयगढ़ क्षेत्र की एक महिला ने अपनी करीब 1.141 हेक्टेयर (लगभग 2 एकड़ 82 डिसमिल) जमीन को कथित तौर पर उसकी वास्तविक जानकारी और सहमति के बिना दूसरे के नाम रजिस्ट्री किए जाने का आरोप लगाया है। वही रजिस्ट्री की नकल देखने के बाद जो बातें सामने आ रही उसको लेकर धरमजयगढ़ उप पंजीयक पूनम सिदार के कामकाज पर सवाल खड़े होने लगे है और ऐसा प्रतीत हो रहा की गलत तरीके से रजिस्ट्री हुई है जो जांच में है सच सामने आ सकेगा। महिला ने अनुविभागीय अधिकारी पुलिस को लिखित शिकायत देकर पूरे मामले की निष्पक्ष जांच और जिम्मेदार लोगों पर कार्रवाई की मांग की है। आरोप है कि उसे इलाज कराने के नाम पर धरमजयगढ़ लाया गया और बाद में भूमि से संबंधित दस्तावेजों पर हस्ताक्षर/अंगूठा निशान लिया गया। महिला का कहना है कि उसने अपनी जमीन बेचने की इच्छा कभी नहीं जताई थी। सभी चीजों को देखने के बाद यह सोचने पर लोंग मजबूर हो रहें आखिर मैडम नें रजिस्ट्री कैसे ok कर दिया।
रजिस्ट्री नकल में लोकेशन पर एक ही गवाह, भुगतान के तरीके को लेकर भी सवाल
मामले में रजिस्ट्री की नकल देखने के बाद अब दस्तावेजी प्रक्रिया को लेकर भी सवाल उठ रहे हैं। बताया जा रहा है कि जिन अलग-अलग खसरा नंबरों की जमीन की बिक्री दर्ज है, उनकी रजिस्ट्री प्रक्रिया में एक ही गवाह की मौजूदगी ज़मीन लोकेशन पर दिखाई दे रही है। वहीं रजिस्ट्री दस्तावेज में चेक से भुगतान का उल्लेख होने की बात सामने आ रही है, जबकि कथित तौर पर नगद राशि दिए जाने की बात बताई जा रही है। ऐसे में यह भी जांच का विषय है कि भुगतान वास्तव में किस माध्यम से हुआ, चेक का सत्यापन हुआ या नहीं और क्या इतने राशि नगद भुगतान की अनुमति लीं गई।
रजिस्ट्री कार्यालय का CCTV फुटेज जांचे तो सामने आ सकती है पूरी तस्वीर
मामले में सबसे महत्वपूर्ण जांच रजिस्ट्री के दिन के CCTV फुटेज से हो सकती है। संबंधित दिन रजिस्ट्री कार्यालय में महिला के साथ कौन-कौन लोग मौजूद थे, महिला के सहमति के समय क्रेता वास्तव में उसके साथ मौजूद था या नहीं, भुगतान को लेकर कौन व्यक्ति सक्रिय था और महिला को दस्तावेजों की जानकारी किसने दी—इन सभी बिंदुओं की CCTV फुटेज से पुष्टि की जा सकती है। साथ ही यह भी जांच का विषय है कि महिला के आसपास कथित रूप से कोई दलाल या अन्य व्यक्ति मौजूद थे या नहीं। शिकायतकर्ता की मांग है कि जिला प्रशासन एवं संबंधित अधिकारी रजिस्ट्री कार्यालय का उस दिन का CCTV फुटेज सुरक्षित कर उसकी जांच कराएं। दस्तावेजों, गवाह, भुगतान और CCTV फुटेज की जांच के बाद ही यह स्पष्ट हो सकेगा कि रजिस्ट्री प्रक्रिया नियमानुसार हुई थी या महिला के आरोपों में प्रथमदृष्टया तथ्य मौजूद हैं।




