धरमजयगढ़ में भारतमाला प्रभावित परिवारों के साथ अन्याय..?, 28 परिवारों नें सौंपा ज्ञापन

धरमजयगढ़ क्षेत्र में उरगा-पत्थलगांव खंड में भारतमाला परियोजना के तहत चल रहे सड़क निर्माण और चौड़ीकरण से बायसी कॉलोनी मेढरमार के परिवार प्रभावित हो रहे हैं। ग्रामीणों के अनुसार खसरा नंबर 240 की करीब 7 एकड़ आबादी भूमि में 28 परिवार वर्षों से निवासरत हैं। सड़क परियोजना के कारण कई मकान, पेड़-पौधे और अन्य स्थायी संपत्तियां प्रभावित हो रही हैं। इसे लेकर परिवारों ने SDM धरमजयगढ़ को आवेदन सौंपकर दोबारा जांच और उचित मुआवजे की मांग की है। साफ साफ यह लग रहा कि अधिग्रहण मामले में यहां के परिवारों के साथ अन्याय हो रहा है। उक्त भूमि में स्थानीय परिवारों को शासन द्वारा ही बसाया गया था अगर वे स्वयं कब्ज़ा कर निवासरत रहतें तब अलग बात होती पर जहा शासन द्वारा बसाया गया है तो कुछ रिकार्ड और नियम से बसाया गया है तब क्यों नहीं वहा नियम अनुसार मुआब्जा नहीं दिया जा रहा है।
सिर्फ मकान का मुआवजा नहीं, सोलैसीयम समेत सभी लाभ की मांग

प्रभावित परिवारों का कहना है कि मुआवजा निर्धारण में केवल मकान के मूल्य तक सीमित नहीं रखा जाए। भूमि, भवन, पेड़-पौधे और अन्य संपत्तियों का अलग-अलग मूल्यांकन करते हुए लागू कानून के अनुसार सोलैटियम और अन्य वैधानिक लाभ भी जोड़े जाएं। ग्रामीणों ने 20 फरवरी 2026 से लागू नवीन गाइडलाइन दर का भी उचित लाभ देने की मांग की है। साथ ही वर्तमान अवॉर्ड की गणना-पत्रक, मूल्यांकन रिपोर्ट और संबंधित दस्तावेज उपलब्ध कराने की मांग रखी गई है।
28 परिवारों के पुनर्वास का मुद्दा भी उठाया

ग्रामीणों के अनुसार इन परिवारों को वर्ष 1956-57 के दौरान बसाया गया था और कई पीढ़ियां इसी आबादी में रह रही हैं। ऐसे में मकानों के अधिग्रहण से विस्थापन की स्थिति में उचित पुनर्वास और पुनर्स्थापन की व्यवस्था भी जरूरी है। परिवारों ने SDM से स्थल निरीक्षण और संयुक्त मूल्यांकन कराकर मुआवजे की पुनर्गणना करने की मांग की है। ग्रामीणों ने स्पष्ट किया कि उनका उद्देश्य सड़क परियोजना का विरोध करना नहीं, बल्कि कानून के अनुसार उचित मुआवजा, पुनर्वास और प्रभावित परिवारों के वैधानिक अधिकार सुनिश्चित कराना है।
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