“53 लाख का काम मुझे नहीं मिला” — धरमजयगढ़ वन मंडल टेंडर मामले में ठेकेदार उदय गुप्ता का बड़ा खुलासा

धरमजयगढ़ वन मंडल अंतर्गत हुए टेंडरों को लेकर क्षेत्र में लगातार तरह-तरह की चर्चाएं चल रही थीं। इसी बीच ठेकेदार उदय गुप्ता सामने आए और उन्होंने पूरे मामले पर अपनी स्थिति स्पष्ट करते हुए कई अहम बातें कही।उदय गुप्ता ने साफ शब्दों में कहा कि जिस 53 लाख रुपये के इस्टीमेट और कार्य की चर्चा हो रही है, वह कार्य उन्हें नहीं मिला है। उन्होंने कहा कि टेंडर से सम्बंधित जानकारी सामने नहीं होने के कारण यह स्थिति पैदा हुई, जबकि वास्तविकता इससे बिल्कुल अलग है।उन्होंने बताया कि उनका संबंध केवल एक मिट्टी कार्य से जुड़े टेंडर तक सीमित है और बाकी अन्य कार्यों, टेंडरों या ठेकेदारों से उनका कोई लेना-देना नहीं है।
28 लाख के मिट्टी कार्य में लगाई थी बोली, 10 लाख में मिला काम
उदय गुप्ता ने जानकारी देते हुए बताया कि उन्होंने केवल मिट्टी कार्य से संबंधित लगभग 28 लाख रुपये के टेंडर में हिस्सा लिया था। इस कार्य के लिए उन्होंने नियमानुसार बोली लगाई थी, जिसके बाद उन्हें यह काम लगभग 10 लाख रुपये में स्वीकृत हुआ।उन्होंने स्पष्ट कहा कि उनका पूरा फोकस सिर्फ उसी मिट्टी कार्य पर है। कौन-सा दूसरा टेंडर कितने का है, किसे मिला है, कौन कार्य करेगा और विभाग ने किस आधार पर अन्य स्वीकृतियां दी हैं, उससे उनका कोई संबंध नहीं है।
वन मंडल के टेंडर को लेकर DFO जिनेन्द्र उपाध्याय के बयान
धरमजयगढ़ वन मंडल के विभिन्न कार्यों और टेंडरों को लेकर क्षेत्र में चर्चा लगातार जारी है। कई लोग पूरे मामले में पारदर्शिता की मांग कर रहे हैं। ऐसे में उदय गुप्ता के बयान के बाद मामला और अधिक चर्चा में आ गया है। फिलहाल ठेकेदार उदय गुप्ता ने अपनी ओर से यह साफ कर दिया है कि उनका संबंध केवल मिट्टी कार्य वाले टेंडर तक ही सीमित है और 53 लाख रुपये वाले कार्य से उनका कोई वास्ता नहीं है।




