बिजली बिल लम्बे समय से नहीं चुकाने वाले, जिनका बिल हजारों रूपये में है, ऐसे लोगों को बिजली बिल में हजारों रुपये का छूट, बिजली विभाग में जल्द करें संपर्क…

जिस किसान, ग्रामीण का हजारों रुपये का बिजली बिल बकाया है उनके लिए सरकार द्वारा समाधान योजना लागू किया गया है इसमें उन्हें बिजली बिल में बड़ी राहत दी जा रही है। देखा जाए तों क्षेत्र में कई गरीब किसान है जिनका बिजली बिल हजारों रुपये का है ऐसे ही एक ग्रामीण नें उसे मिली लाभ की जानकारी साझा की है
*12000 रुपये का मिला छूट*
इस योजना का फायदा कई ग्रामीण को मिल रहा है जिसमें से 1 ग्रामीण नें जानकारी देते हुए बताया की उसे 12000 रुपये का छूट मिला है। ग्रामीण नें ज़ब चेक किया तब उसका बिजली बिल 30000 रुपये दिखाई पड़ा वही उसे उसमें छूट 12000 रूपये मिल गया है अब बाकी बकाया राशि को वह 3-6 किस्तों में भुगतान कर रहा है। ग्रामीण नें बताया की उसने 10 साल से बिल नहीं चुकाया था और वह अगर लगातार हर महीने भी 200-250 करके बिल चुकाता तब भी उसे अबतक कम से कम 25000 हजार चुकाने पड़ते पर अब उसे मात्र 18000 ही चुकाने पड़ रहें।

लंबे समय से बिजली बिल के बोझ तले दबे उपभोक्ताओं के लिए यह बड़ी खुशखबरी है। सरकार ने अपनी महत्वाकांक्षी ‘बिजली बिल समाधान योजना’ को हरी झंडी दे दी है। यह योजना विशेष रूप से उन लोगों के लिए है जिनका बिजली बिल हजारों रुपयों में बकाया है और वे पिछले कई सालों से भुगतान नहीं कर पाए हैं।
ब्याज और सरचार्ज में भारी छूट: यदि आपका बिल वर्षों से लंबित है, तो उस पर लगने वाले भारी-भरकम ब्याज और सरचार्ज को पूरी तरह या आंशिक रूप से माफ किया जा रहा है।
हजारों रुपये की बचत: मूल राशि में भी विशेष प्रावधानों के तहत राहत दी जा रही है, जिससे हजारों रुपये की सीधी छूट मिल रही है।
आसान किस्तों की सुविधा: अब बिल एकमुश्त भरने की मजबूरी नहीं होगी। उपभोक्ता अपने बकाया बिल को 3 से 6 आसान किस्तों में जमा कर सकते हैं।
कैसे उठाएं लाभ?
उपभोक्ताओं को इस योजना का लाभ लेने के लिए अपने नजदीकी बिजली विभाग के कार्यालय (सब-डिवीजन) में संपर्क करना होगा।
विभागीय अपील
बिजली विभाग के अधिकारियों का कहना है कि यह एक सुनहरा अवसर है। जो लोग कानूनी कार्रवाई या भारी भरकम बिल से डर रहे थे, वे इस योजना का लाभ उठाकर सम्मान के साथ अपना बकाया चुका सकते हैं। विभाग ने चेतावनी भी दी है कि इस अवधि के बाद बकायादारों के खिलाफ सख्त कुर्की और स्थायी कनेक्शन विच्छेदन की कार्रवाई की जा सकती है।




