बड़ा संकट! डीजल-बिटुमेन महंगा निर्माण कार्य रुके, ठेकेदार बोले—अब सरकार ही बचाए

छत्तीसगढ़ में निर्माण कार्य इन दिनों गंभीर संकट से गुजर रहे हैं। बिल्डर्स एसोसिएशन ऑफ इंडिया (BAI) ने लोक निर्माण विभाग (PWD) को पत्र लिखकर जानकारी दी है पत्र के अनुसार वैश्विक स्तर पर चल रहे युद्ध के कारण निर्माण सामग्री की कीमतों में भारी उछाल आया है। खासकर पेट्रोलियम आधारित उत्पादों की कमी और महंगाई ने निर्माण कार्यों को बुरी तरह प्रभावित किया है। डीजल, बिटुमेन, स्टील और सीमेंट जैसे आवश्यक संसाधनों की कीमतें लगातार बढ़ रही हैं, जिससे ठेकेदारों के सामने आर्थिक संकट खड़ा हो गया है।
*निर्माण कार्यों पर असर*
एसोसिएशन के अनुसार, डीजल और लाइट डीजल ऑयल (LDO) की कीमतों में अप्रत्याशित वृद्धि हुई है, वहीं बिटुमेन की उपलब्धता भी पर्याप्त नहीं है। इसके साथ ही मशीनरी संचालन और सामग्री परिवहन में भी बाधाएं आ रही हैं। मजदूरों की कमी और ईंधन संकट के कारण निर्माण कार्यों की गति बेहद धीमी हो गई है। कई परियोजनाएं लगभग ठप स्थिति में पहुंच चुकी हैं, जिससे समय पर कार्य पूर्ण करना मुश्किल हो गया है।

*सरकार से मांग और आगे की राह*
बिल्डर्स एसोसिएशन ने सरकार से मांग की है कि वर्तमान परिस्थितियों को देखते हुए ठेकेदारों को समय सीमा में विस्तार (EOT) दिया जाए और बढ़ी हुई लागत के लिए अतिरिक्त भुगतान की व्यवस्था की जाए। साथ ही फोर्स मेजर के तहत राहत प्रदान करने और अनुबंधों में संशोधन करने की भी अपील की गई है। एसोसिएशन ने स्पष्ट किया है कि बिना सरकारी सहयोग के निर्माण कार्यों को सुचारू रूप से पूरा करना संभव नहीं

अब देखना यह है कि सरकार कबतक इनकी मांगों को ध्यान में रखकर कोई फैसला लेती है।




