12वीं बोर्ड परीक्षा पेपर लीक मामला: मण्डल ने दर्ज कराई FIR, साइबर जांच जारी

बोर्ड परीक्षा पेपर लीक की आशंका पर सख्ती: FIR दर्ज, पुलिस व साइबर सेल जांच में जुटी
छत्तीसगढ़ माध्यमिक शिक्षा मण्डल द्वारा आयोजित कक्षा 12वीं की हिन्दी विषय की बोर्ड परीक्षा को लेकर सामने आए कथित पेपर लीक मामले में अब प्रशासन ने सख्त रुख अपनाया है। मीडिया रिपोर्ट्स और सोशल मीडिया पर वायरल दावों को गंभीरता से लेते हुए मण्डल ने एहतियातन प्राथमिकी (FIR) दर्ज कराते हुए विस्तृत जांच शुरू करा दी है।
परीक्षा के बाद सामने आया मामला
मण्डल के अनुसार 14 मार्च 2026 को कक्षा 12वीं हिन्दी विषय की परीक्षा शांतिपूर्ण और व्यवस्थित तरीके से सम्पन्न हुई थी। परीक्षा के अगले दिन 15 मार्च को शाम करीब 5 बजे सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म व्हाट्सएप पर एक हस्तलिखित पर्चा वायरल होने की जानकारी सामने आई। इसके बाद 16 मार्च को विभिन्न मीडिया माध्यमों में भी इस संबंध में खबरें प्रकाशित हुईं।
🟡 वायरल पर्चे को लेकर दावा
रिपोर्ट्स में यह दावा किया गया कि परीक्षा से एक दिन पहले यानी 13 मार्च को वायरल हुए पर्चे में दिए गए प्रश्न और परीक्षा में पूछे गए हिन्दी विषय के बी-सेट प्रश्नपत्र के प्रश्नों में काफी समानता है। इस दावे ने परीक्षा की गोपनीयता को लेकर सवाल खड़े कर दिए हैं और छात्रों व अभिभावकों के बीच चिंता का माहौल बना है।
मण्डल ने कही ये बड़ी बात
माध्यमिक शिक्षा मण्डल के सचिव ने स्पष्ट किया है कि सोशल मीडिया पर वायरल हो रहा पर्चा स्पष्ट और पठनीय नहीं है, जिसके कारण उसकी सत्यता का सीधे तौर पर परीक्षण करना संभव नहीं हो पा रहा है। उन्होंने यह भी बताया कि संबंधित वीडियो और सामग्री परीक्षा सम्पन्न होने के बाद सामने आई है, इसलिए प्रथम दृष्टया इसे पेपर लीक की घटना के रूप में नहीं माना जा सकता।
एहतियातन FIR, जांच तेज
हालांकि मामले की संवेदनशीलता और गंभीरता को देखते हुए मण्डल ने कोई जोखिम न लेते हुए एहतियात के तौर पर FIR दर्ज कराई है। पुलिस और साइबर सेल को पूरे मामले की गहराई से जांच करने के निर्देश दिए गए हैं, ताकि सच्चाई सामने लाई जा सके और किसी भी प्रकार की अफवाह या साजिश का पर्दाफाश हो सके।
गोपनीयता पर मण्डल की प्रतिबद्धता
मण्डल ने यह भी दोहराया है कि वह परीक्षा प्रक्रिया की गोपनीयता और पारदर्शिता बनाए रखने के लिए पूरी तरह प्रतिबद्ध है। यदि जांच में किसी भी प्रकार की अनियमितता या लापरवाही सामने आती है, तो संबंधित दोषियों के खिलाफ कड़ी कानूनी कार्रवाई की जाएगी। फिलहाल पेपर लीक की पुष्टि नहीं हुई है, लेकिन प्रशासन मामले को बेहद गंभीरता से लेकर जांच में जुटा हुआ है। आने वाले दिनों में जांच रिपोर्ट के आधार पर स्थिति पूरी तरह स्पष्ट हो सकेगी।




