हाथो के सहारे धरमजयगढ़ में चलता दिखा कामोंसिंडाड का दिव्यांग, जनपद पंचायत CEO ने तत्काल सहायता का दिया भरोसा….

धरमजयगढ़ विकासखंड के ग्राम पंचायत कमोशीनडाड से एक मार्मिक तस्वीर सामने आई है, जिसने दूरस्थ पहाड़ी क्षेत्रों तक सरकारी योजनाओं की पहुंच पर सवाल खड़े कर दिए हैं। धरमजयगढ़ में ज़ब यह व्यक्ति हाथो के सहारे चलते दिखा तब उसने बताया की वह बस से यहां आया हैं ज़ब उससे पूछा गया की उसे सरकार की योजना का लाभ मिला हैं या नहीं तब उसने साफ कह दिया की उसे नहीं मिला। मुख्यालय से लगभग 20 से 25 किलोमीटर दूर रहने वाला एक दिव्यांग व्यक्ति आज भी ट्राइसाइकिल जैसी मूलभूत सुविधा से वंचित है। आर्थिक तंगी के कारण वह हाथों के सहारे चलकर अपनी रोजमर्रा की जरूरतें पूरी करने को मजबूर है। दिव्यांग का कहना है कि उसने कई बार ग्राम पंचायत के माध्यम से सहायता की मांग की, लेकिन अब तक उसे किसी भी योजना का लाभ नहीं मिल सका।
मीडिया के सामने बयां किया दर्द, समय पर मदद नहीं मिलने का आरोप
दिव्यांग व्यक्ति ने बताया कि कई बार मौखिक अनुरोध करने के बावजूद उसे केवल आश्वासन ही मिला। समय पर सहायता नहीं मिलने के कारण उसकी परेशानियां लगातार बढ़ती गईं। ट्राइसाइकिल नहीं होने से उसे आवाजाही में भारी कठिनाइयों का सामना करना पड़ता है। पहाड़ी क्षेत्र होने के कारण उसकी दैनिक जिंदगी और भी चुनौतीपूर्ण बनी हुई है। स्थानीय लोगों का भी मानना है कि ऐसे जरूरतमंद पात्र हितग्राहियों तक योजनाओं का लाभ समय पर पहुंचना चाहिए।
जनपद पंचायत CEO मदनलाल साहू ने लिया संज्ञान, पात्रता अनुसार लाभ दिलाने का आश्वासन
मामला मीडिया के संज्ञान में आने के बाद जनपद पंचायत धरमजयगढ़ के मुख्य कार्यपालन अधिकारी मदनलाल साहू ने पंचायत के कार्य पर नाराजगी जताते हुए इसे गंभीरता से लिया है। उन्होंने कहा कि शासन की योजनाओं के तहत ट्राइसाइकिल सहित अन्य आवश्यक सुविधाओं का लाभ प्राथमिकता के आधार पर उपलब्ध कराया जाएगा। उन्होंने यह भी कहा कि जनपद पंचायत का उद्देश्य पात्र हितग्राहियों तक योजनाओं का लाभ पहुंचाना है और किसी भी जरूरतमंद को सहायता से वंचित नहीं रहने दिया जाएगा।
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