धरमजयगढ़ में अवैध पटाखा दुकान पर नगर पंचायत का नोटिस, हादसा हुआ तो संचालक होगा जिम्मेदार! प्रशासनिक अनुमति और NOC के बिना दुकान लगाने पर उठे सवाल

धरमजयगढ़ में पटाखा दुकानों के संचालन को लेकर नियमों की अनदेखी का मामला सामने आया है। नगर पंचायत धरमजयगढ़ ने बिना अनुमति पटाखा दुकान संचालित करने के संबंध में संबंधित दुकानदार को लिखित नोटिस जारी किया है। 4 नवंबर 2026 को जारी नोटिस में उल्लेख किया गया है कि नगर पंचायत की अनुमति के बिना दशहरा मैदान में पटाखा दुकान लगाई गई है। इतना ही नहीं, नगर पंचायत से अनापत्ति प्रमाण पत्र (NOC) लिए बिना ही दुकान का संचालन किया जा रहा है, जिसे नियमों के विपरीत बताया गया है।
हादसा हुआ तो दुकान संचालक की होगी जिम्मेदारी, नगर पंचायत ने दी स्पष्ट चेतावनी

नगर पंचायत द्वारा जारी नोटिस में स्पष्ट रूप से चेतावनी दी गई है कि दुकान में किसी भी प्रकार की दुर्घटना होती है तो उसकी समस्त जिम्मेदारी संबंधित दुकानदार की स्वयं की होगी। पटाखे ज्वलनशील और विस्फोटक सामग्री की श्रेणी में आते हैं, ऐसे में इनके भंडारण और बिक्री के दौरान सुरक्षा नियमों का पालन बेहद जरूरी है। अस्थायी टेंट और कपड़े से बनी दुकानों में पटाखों की बिक्री को लेकर सुरक्षा व्यवस्था पर भी गंभीर सवाल खड़े हो रहे हैं। ऐसे में केवल जिम्मेदारी दुकानदार पर डालना पर्याप्त नहीं, बल्कि सुरक्षा मानकों की वास्तविक जांच भी जरूरी है।
SDM और तहसीलदार को भी भेजी गई नोटिस की प्रतिलिपि, अब जांच और कार्रवाई का इंतजार
नगर पंचायत ने जारी नोटिस की प्रतिलिपि अनुविभागीय अधिकारी (राजस्व) धरमजयगढ़ और तहसीलदार धरमजयगढ़ को भी सूचनार्थ भेजी है। ऐसे में अब सवाल यह है कि जब नगर पंचायत को बिना अनुमति पटाखा दुकान लगाए जाने की जानकारी है, तो मौके पर सुरक्षा मानकों की जांच और आवश्यक कार्रवाई कब होगी? क्या पटाखा दुकानों में अग्निशमन उपकरण, सुरक्षित दूरी, बिजली व्यवस्था और अन्य जरूरी इंतजामों की जांच की जाएगी? त्योहार के दौरान आम नागरिकों, महिलाओं और बच्चों की बड़ी संख्या में आवाजाही रहती है। ऐसे में किसी बड़ी दुर्घटना के बाद जिम्मेदारी तय करने के बजाय प्रशासन को पहले ही सुरक्षा सुनिश्चित करनी चाहिए।
धरमजयगढ़ में कपड़े के टेंट में सज गई पटाखा दुकानें, सुरक्षा नियमों की उड़ रही धज्जियां! कभी भी हो सकता है बड़ा हादसा, कलेक्टर के आदेश की भी अनदेखी?




