“कापू रेंज में ‘गुमशुदा’ रेंजर की तलाश! “कार्यालय पहुंचो तो रेंजर गायब,“दफ्तर में नहीं, फोन पर नहीं! कापू रेंजर को लेकर आवेदकों ने उठाए सवाल”

वन विभाग के कापू रेंज कार्यालय की कार्यप्रणाली को लेकर अब सवाल उठने लगे हैं। आवेदकों का आरोप है कि वे अपनी समस्याओं और विभागीय कार्यों को लेकर जब भी रेंजर कार्यालय पहुंचते हैं, तो रेंजर सूर्यकान्त नेताम मौजूद नहीं मिलते और उन्हें ज़ब कॉल किया जाता हैं तो पता नहीं क्यों इस आधुनिक युग में कॉल उठाना जरुरी नहीं समझते। कार्यालय से संबंधित आवश्यक जानकारी के लिए जब रेंजर को फोन किया जाता है तो कई बार फोन रिसीव नहीं होने की बात भी सामने आ रही है। परेशान ग्रामीण अब कहने लगे हैं पूर्व DFO के समय भी वह कॉल नहीं रिसीव करते थे और वर्तमान DFO के समय भी कॉल रिसीव नहीं करते ऐसा लगता हैं मानों सूर्यकान्त नेताम को अधिकारीयों का संरक्षण प्राप्त हैं।
काम के लिए पहुंचते हैं आवेदक, लेकिन खाली हाथ लौटने का आरोप

आवेदकों के मुताबिक, वन विभाग से जुड़े कार्यों को लेकर उन्हें रेंजर से मुलाकात करना जरूरी होता है। लेकिन कार्यालय पहुंचने के बाद रेंजर के मौजूद नहीं मिलने से उन्हें बार-बार कार्यालय के चक्कर लगाने पड़ रहे हैं। इससे दूर-दराज से आने वाले ग्रामीणों और आवेदकों को काफी परेशानी होने का आरोप है।
आवेदकों का कहना है कि जब रेंजर कार्यालय में नहीं मिलते तो मोबाइल के माध्यम से संपर्क करने का प्रयास किया जाता है, लेकिन फोन रिसीव नही किया जाता मानों उन्हें ऊपर के अधिकारीयों नें कॉल रिसीव करने मना कर दिया होगा। ऐसे में सवाल उठता है कि आखिर आवेदकों की शिकायतें और विभागीय कामकाज किस तरह संचालित हो रहा है। मामले में अब वन विभाग के उच्चाधिकारियों से अपेक्षा है कि वे कापू रेंज कार्यालय में रेंजर सूर्यकान्त नेताम की उपस्थिति और कार्यालयीन कार्यप्रणाली की जांच कर वास्तविक स्थिति स्पष्ट करें। यदि आरोप सही हैं रेंजर पर विभागीय कार्यवाही किया जाए
कलेक्टर नें कहा था बिना सहमति नहीं खुल सकता खदान, फ़िरभी secl कर रहा कार्य?, रोक लगाने Sdm कार्यालय पहुंचे ग्रामीण….
