कलेक्टर की जांच टीम ने छाल खदान में डाला कदम, शिकायतकर्ता मजदूरों से पूछताछ हुई तो SKA की खुल सकती है पूरी ‘कुंडली’… क्या GM नें चुन्नी को दें रखा हैं खुली छूट….

छाल स्थित SECL कोयला खदान की ठेका कंपनी SKA में मजदूरों के शोषण का मामला लगातार गंभीर होता जा रहा है। मजदूरों ने कंपनी के GM की मौजूदगी में चुन्नी पर गंभीर आरोप लगाए। मजदूरों का कहना है कि उन्हें नौकरी से निकालने की धमकी देने से लेकर उनकी शिकायतों को दबाने तक की कोशिश की गई, कोरा कागज पर हस्ताक्षर करवाया और उनका शोषण किया गया। यह सभी आरोप मजदूर तहसीलदार द्वारा आयोजित मीटिंग में GM के सामने बताते रहे और GM चुप्पी साधे बैठे रहें मानों यह सब उन्ही के सह पर हुआ हो।

सबसे बड़ा सवाल यह है कि जब कंपनी के GM के सामने आरोप लगाए गए, तब प्रबंधन की ओर से स्पष्ट जवाब क्यों नहीं आया? और क्यों GM मिडिया के प्रश्नों के जवाब से बचते नजर आए।और कह दिया की मिडिया बाइट देने का उनको अधिकार नहीं। यदि लगाए गए आरोप निराधार हैं तो कंपनी को सामने आकर स्थिति स्पष्ट करनी चाहिए। इसी चुप्पी ने मजदूरों के शोषण में कंपनी प्रबंधन की भूमिका को लेकर भी सवाल खड़े कर दिए हैं। हालांकि, किसी भी व्यक्ति या कंपनी की संलिप्तता का निष्कर्ष जांच के बाद ही निकाला जा सकता है।
कलेक्टर ने गठित की जांच टीम, खदान पहुंचकर हुई पड़ताल; अब असली मजदूरों से पूछताछ सबसे अहम

अबतक के इतिहास में कई कलेक्टर आएं और गए पर मयंक चतुर्वेदी के कार्यकाल को देखा जाए तो जितनी सराहना की जाए उतना कम हैं मजदूरों की शिकायतों को गंभीरता से लेते हुए रायगढ़ कलेक्टर मयंक चतुर्वेदी ने तत्काल जांच टीम गठित की, जिसके बाद टीम ने खदान पहुंचकर मजदूरों के कथित शोषण से जुड़े मामलों की जांच की।लेकिन अब सबसे महत्वपूर्ण सवाल यह है कि जिन मजदूरों ने कथित शोषण की शिकायत की थी और जो अपनी समस्या लेकर जिला कलेक्टर तक पहुंचे थे, क्या जांच टीम ने उनसे भी पूछताछ की? अगर शिकायत करने वाले मजदूरों के बयान दर्ज किए जाते हैं और उनके आरोपों की पुष्टि कंपनी के रिकॉर्ड, भुगतान दस्तावेजों और कार्यस्थल की वास्तविक स्थिति से की जाती है, तो पूरे मामले की तस्वीर कहीं अधिक साफ हो सकती है।
जांच में मजदूरों की आवाज केंद्र में हो, तहसीलदार लोमेस मिरी के प्रयास की मजदूरों ने की सराहना
मजदूरों का कहना है कि इस पूरे मामले में छाल तहसीलदार लोमेस मिरी के प्रयासों से उन्हें न्याय की उम्मीद जगी है। मजदूरों द्वारा तहसीलदार के प्रति आभार व्यक्त किया जा रहा है कि उन्होंने उनकी शिकायत को गंभीरता से लिया और मामले को प्रशासनिक स्तर तक पहुंचाने में भूमिका निभाई।
चुन्नी ने कहा काम पर मत आना..छाल खदान में मजदूरों से कोरे कागज पर हस्ताक्षर? SKA दोषी नहीं तो चुप्पी क्यों…
छाल खदान में मजदूरों की शिकायत पर कलेक्टर का बड़ा एक्शन, तहसीलदार की पहल से जांच टीम गठित; चुन्नी के कारनामो का खामियाजा भुगतेगा SKA?




