पिकअप में लोड कर लें जा रहें थे 8 गौ-वंश, कार्यवाही होगा या नहीं लोंग चिंतित, गौ रक्षकों ने धरमजयगढ़ थाना को किया सुपुर्द…..

धरमजयगढ़ क्षेत्र में गौवंश परिवहन को लेकर एक बार फिर बड़ा मामला सामने आया है। शुक्रवार को दो अलग-अलग पिकअप वाहनों में करीब 8 मवेशियों को ले जाया जा रहा था, जिसे गो रक्षकों ने पकड़कर धरमजयगढ़ थाना पुलिस के सुपुर्द कर दिया। घटना के बाद क्षेत्र में चर्चाओं का माहौल गर्म हो गया है और लोगों के बीच पुलिस कार्रवाई को लेकर कई सवाल खड़े होने लगे हैं कि कार्यवाही होंगी या पहले के तरह कागजात देखकर छोड़ दिया जाएगा। जानकारी के अनुसार, पकड़े गए वाहन चालकों और साथ मौजूद लोगों ने बताया कि वे सीतापुर क्षेत्र के रहने वाले हैं तथा गौवंश को खेती-किसानी के कार्य के लिए ले जाया जा रहा था।

* उठ रहे सवाल, लेकिन जवाब अब तक नहीं*
स्थानीय लोगों का आरोप है कि अब तक दर्जनों वाहन धरमजयगढ़ थाना लाए जा चुके हैं, लेकिन आखिर उन मामलों में क्या कार्रवाई हुई। लोगों के बीच यह भी सवाल उठ रहा है कि क्या नियमों के तहत इस प्रकार पिकअप वाहनों में गौवंश का परिवहन किया जा सकता है? यदि किया जा सकता है, तो उसके लिए कौन-कौन से दस्तावेज और अनुमति जरूरी हैं?
*जांच की मांग तेज*
क्षेत्र के लोगों का कहना है कि वाहन चालक “पर्ची” या कुछ कागजात दिखाकर थाने से छोड़ दिए जाते हैं। इसके बाद मामला कुछ दिनों तक शांत रहता है और फिर वही गौवंश कथित व्यापारियों तक पहुंचने की बातें सामने आती हैं। ऐसे आरोपों ने पुलिस की कार्यप्रणाली पर भी सवाल खड़े कर दिए हैं। पुलिस को केवल वाहन पकड़कर छोड़ देने तक सीमित नहीं रहना चाहिए, बल्कि यह भी जांच करनी चाहिए कि जिन लोगों द्वारा खेती-किसानी के नाम पर गौवंश ले जाने की बात कही जाती है, क्या वास्तव में उनके पास उतनी कृषि भूमि और पशुपालन की व्यवस्था मौजूद है या नहीं और हफ्ते बीत जाने के बाद भी गौ वंश उनके पास मौजूद है या नहीं ।




