ट्रक से गिरते फ्लाईएश पर भारी जुर्माना, गिरते फ्लाई एश से सडक पर नंगे आँखों से चलना मुश्किल…
प्रदूषण नियमों की अनदेखी पड़ी महंगी: टीआरएन एनर्जी पर लगा भारी जुर्माना
रायगढ़ जिले के घरघोड़ा क्षेत्र में संचालित टीआरएन एनर्जी पावर प्लांट एक बार फिर गंभीर लापरवाही के कारण विवादों में घिर गया है। फ्लाई ऐश (राख) के परिवहन में नियमों की खुलेआम धज्जियां उड़ाने पर पर्यावरण विभाग ने कड़ा रुख अपनाते हुए कंपनी पर ₹68,445 का जुर्माना ठोंका है।
क्या है पूरा मामला?
यह मामला सड़क परियोजना से जुड़ा है, जहाँ टीआरएन प्लांट से निकलने वाली फ्लाई ऐश का उपयोग किया जा रहा है। जानकारी के अनुसार, प्लांट से रोजाना दर्जनों भारी वाहन राख लेकर घरघोड़ा से छाल-हाटी मार्ग पर दौड़ रहे हैं। नियमों के मुताबिक, इन वाहनों को पूरी तरह ढककर चलना अनिवार्य है, लेकिन अधिकांश ट्रक बिना ढके ही राख का परिवहन कर रहे थे।

आम जनजीवन पर असर
ट्रकों से उड़ती राख ने पूरे इलाके को प्रदूषण की चपेट में ले लिया है। इसका सीधा असर स्थानीय ग्रामीणों और राहगीरों पर पड़ रहा है:सड़क किनारे रहने वाले लोगों को सांस लेने में दिक्कत हो रही है।हवा में तैरती जहरीली धूल के कारण लोगों की आंखों में जलन की शिकायतें बढ़ गई हैं। वातावरण पूरी तरह प्रदूषित हो चुका है, जिससे जनजीवन अस्त-व्यस्त है।
प्रशासन की कार्रवाई और चेतावनी
लगातार मिल रही शिकायतों के बाद पर्यावरण विभाग हरकत में आया और जांच के बाद इस गड़बड़ी की पुष्टि की। विभाग ने न केवल जुर्माना लगाया है, बल्कि कंपनी को सख्त चेतावनी भी दी है कि यदि दोबारा सुरक्षा मानकों का उल्लंघन पाया गया, तो और भी कठोर कार्रवाई की जाएगी। इस घटनाक्रम ने न केवल कंपनी प्रबंधन बल्कि स्थानीय प्रशासन की कार्यशैली पर भी सवालिया निशान लगा दिए हैं। क्षेत्र के लोगों का पूछना है कि आखिर लंबे समय तक नियमों की अनदेखी होती रही, तो जिम्मेदार अधिकारी मौन क्यों थे? अब देखना यह होगा कि इस जुर्माने के बाद जमीनी स्तर पर कोई सुधार आता है या प्रदूषण का यह खेल यूँ ही जारी रहेगा।




