धरमजयगढ़ में “मजबूत” सड़कों की मिसाल: करोड़ों की सड़क ने तोड़ा दम, कुछ महीनों में ही उखड़ने लगी सड़क

करोड़ों की सड़क कुछ महीनों में ही उखड़ने लगी सड़क
अगर आप यह मानते हैं कि चीजें पुरानी होने पर टूटती हैं, तो आपको धरमजयगढ़ के प्रेमनगर आकर अपनी गलतफहमी दूर कर लेनी चाहिए। यहाँ करोड़ों की लागत से बनी एक ऐसी ‘अद्भुत’ सड़क का निर्माण हुआ है, जिसने समय के पहिये को मात देते हुए महज कुछ ही महीनों में अपनी असली औकात… क्षमा करें, अपनी ‘मजबूती’ दिखाना शुरू कर दिया है।

इंजीनियरिंग का ‘नायाब नमूना‘
प्रेमनगर के पास बनी यह सड़क उन लोगों के लिए एक मिसाल है जो टिकाऊपन की बात करते हैं। जिस सड़क को सालों-साल जनता का बोझ उठाना था, वह तो खुद का बोझ भी नहीं संभाल पा रही है। करोड़ों रुपये के बजट से सजी इस सड़क पर अब दरारें और गड्ढे किसी कलाकृति की तरह उभर आए हैं। शायद विभाग यह चाहता था कि राहगीर सड़क पर चलते हुए बोर न हों, इसलिए ‘खतरों के खिलाड़ी’ वाला अनुभव देने के लिए जगह-जगह से डामर ने साथ छोड़ दिया है।
*विकास या भ्रष्टाचार का ‘शॉर्टकट’?*
क्षेत्र में चर्चा है कि यह सड़क इतनी ‘संवेदनशील’ है कि इसे शायद तेज धूप या बारिश की बूंदों से भी डर लगता है। स्थानीय निवासियों का कहना है:”हमने सोचा था कि नई सड़क पर सफर आसान होगा, लेकिन यहाँ तो सरकार ने करोड़ों रुपये खर्च कर के ‘एडवेंचर पार्क’ बना दिया है।”

सड़क की यह हालत चीख-चीख कर उस ‘गुणवत्ता’ की कहानी बयां कर रही है, जो कागजों पर तो चमक रही है लेकिन जमीन पर बिखर चुकी है। अब देखना यह है कि प्रशासन इस ‘टूटे हुए सपने’ की मरम्मत करता है या फिर एक और नए बजट का इंतजार किया जाएगा ताकि भ्रष्टाचार की एक नई परत और बिछाई जा सके।




