धरमजयगढ़ में ड्रोन सर्वे शुरू, अवैध मादक पदार्थों की खेती पर सख्ती

रायगढ़ जिले के धरमजयगढ़ क्षेत्र में अवैध मादक पदार्थों की खेती के खिलाफ प्रशासन ने सख्त रुख अपनाते हुए हाईटेक कार्रवाई शुरू कर दी है। कलेक्टर मयंक चतुर्वेदी के निर्देशन में राजस्व, पुलिस और कृषि विभाग की संयुक्त टीम द्वारा क्षेत्र के विभिन्न गांवों में ड्रोन के माध्यम से वृहद सर्वे अभियान चलाया जा रहा है। इस अभियान का उद्देश्य संदिग्ध क्षेत्रों की पहचान कर अवैध खेती पर प्रभावी नियंत्रण स्थापित करना है। ड्रोन तकनीक के जरिए अब उन दुर्गम और दूरस्थ इलाकों तक भी निगरानी संभव हो पाई है, जहां पहले पहुंचना कठिन था।
*गांव-गांव सघन जांच, खेतों में उतरकर किया निरीक्षण*
अभियान के तहत संयुक्त टीम ने ड्रोन सर्वे के साथ-साथ जमीनी स्तर पर भी व्यापक जांच-पड़ताल की। राजस्व विभाग के अधिकारी,पटवारी और कृषि विभाग के ग्रामीण कृषि विस्तार अधिकारी गांवों में पहुंचकर सीधे खेतों में उतरे और सघन निरीक्षण किया। इस दौरान संदिग्ध क्षेत्रों पर विशेष नजर रखी गई। अधिकारियों ने किसानों से संवाद करते हुए उन्हें बताया कि अवैध मादक पदार्थों की खेती कानूनन अपराध है और इसमें लिप्त पाए जाने पर कठोर कार्रवाई की जाएगी। साथ ही किसानों को वैकल्पिक और वैध फसलों को अपनाने के लिए प्रेरित किया गया, ताकि वे सुरक्षित और कानूनी खेती की ओर बढ़ सकें।

*लगातार जारी रहेगा अभियान, अवैध गतिविधियों पर पूरी तरह रोक लक्ष्य*
प्रशासन ने स्पष्ट किया है कि जिले में अवैध मादक पदार्थों की खेती को पूरी तरह समाप्त करने के लिए यह अभियान निरंतर जारी रहेगा। आने वाले समय में ड्रोन सर्वे, सघन जांच और निगरानी को और तेज किया जाएगा, ताकि किसी भी स्थिति में इस प्रकार की अवैध गतिविधियों को पनपने का अवसर न मिले। प्रशासन की इस पहल को न केवल कानून व्यवस्था को मजबूत करने, बल्कि युवाओं को नशे के दुष्प्रभाव से बचाने और समाज में जागरूकता बढ़ाने की दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम माना जा रहा है।




