धरमजयगढ़ में भारतमाला सड़क निर्माण खूब चर्चा में, अफवाहों और वास्तविकता के बीच क्या हैं सच्चाई जांच में आएगा सामने …

धरमजयगढ़ क्षेत्र में भारतमाला सड़क निर्माण कार्य तेजी से जारी है। क्षेत्र में बड़े स्तर पर पहाड़ कटिंग, खुदाई और सड़क निर्माण का कार्य चल रहा है। जिसमें कंपनी के लिए सिसरिंगा में कार्य करना चुनौती पूर्ण होते जा रहा क्युकी यहां पहाड़ को काटकर सडक बनाया जा रहा जो अपने आप में बहुत मुश्किल कार्य हैं। यहां जंगल का कुछ हिस्सा सड़क निर्माण में प्रभावित हुआ। इसी को लेकर तरह तरह के चुनौती सामने आ रहें हैं। अगर सडक निर्माण पूरा होता है तों जो घंटों का समय व्यतीत करके लोंग पत्थलगांव और दूसरे जगह जाते थे वो चंद मिनटों का खेल रह जाएगा।

* पेड़ कटाई और मुआवजे को लेकर सामने आ रही जानकारी *
क्षेत्र में पेड़ों की कटाई को लेकर भी कई प्रकार की चर्चाएं चल रही हैं। लेकिन स्थानीय स्तर पर देखने वालों का कहना है कि जहां पहले ही खुदाई और सड़क निर्माण का कार्य हो चुका है वहां अब नए पेड़ों की कटाई का सवाल कम दिखाई देता है, क्योंकि पेड़ों की कटाई साल भर पहले ही शासन द्वारा करवाया जा चुका है अब दोबारा पेड़ों क़ी कटाई करके डीबीएल कंपनी क्या कार्य करेगी। वहीं जानकारी यह भी सामने आई है कि शौचालय के पास स्थित एक मकान निर्माण क्षेत्र से प्रभावित हो रहा था जिसके लिए कंपनी द्वारा संबंधित व्यक्ति को लगभग 5 लाख रुपये की राशि दी जा चुकी है। बताया जा रहा है कि मकान को लेकर एग्रीमेंट प्रक्रिया भी पूरी हो चुकी है। फिलहाल निर्माण कार्य लगातार जारी है, लेकिन क्षेत्र में फैल रही चर्चाओं के बीच लोग आधिकारिक जानकारी सामने आने का इंतजार कर रहे हैं। और जांच में ही सभी चीजों की पुष्टि होंगी की वास्तविक घटना क्या है।

*20-30 मीटर की पहाड़ियों की गहरी कटिंग तों स्खलन स्वभाविक*
निर्माण कार्य के दौरान सिसरिंगा के पास पहाड़ियों को काटकर लगभग 20 से 30 मीटर तक गहरी खुदाई की गई है। वही अगर कापू सड़क को देखा जाए तों वहा कुछ फ़ीट पर खुदाई हुई थी जिसके बाद वहा पेड़ों का जड़ समेत गिरना और मिट्टी का स्खलन अभी भी देखने को मिलता है। वही यहां तों बड़े पैमाने पर हुई इस खुदाई को देखकर साफ नजर आ रहा की बरसात तों दूर छोटे बड़े पेड़ जड़ से कभी भी गिर सकते हैं जो वर्तमान में कई जगहों पर दिखाई पड़ रहें। लोगों का कहना है कि आने वाले समय में सुरक्षा व्यवस्था और पहाड़ी हिस्सों की मजबूती को लेकर कंपनी को विशेष ध्यान देना जरूरी होगा।

*अलाइनमेंट क्षेत्र में कुआं और शौचालय प्रभावित होने की चर्चा*
स्थानीय स्तर पर यह जानकारी सामने आ रही है कि सड़क निर्माण के अलाइनमेंट क्षेत्र में कुछ निजी निर्माण प्रभावित हैं। इनमें मंदिर के सामने के कुआं, शौचालय और अन्य छोटे निर्माण शामिल बताए जा रहे हैं। बताया जा रहा है कि कंपनी द्वारा पहले ही पत्र जारी कर यह स्पष्ट किया गया है कि शासकीय शौचालय किसी प्रकार से प्रभावित होता है तो उसके नए निर्माण की जिम्मेदारी कंपनी की होगी। मौके पर निर्माण क्षेत्र देखने पर कुछ संरचनाएं सड़क अलाइनमेंट के भीतर आती हुई प्रतीत हो रही हैं, हालांकि आधिकारिक रूप से कितने निर्माण प्रभावित होंगे इसकी स्पष्ट जानकारी अब तक सामने नहीं आई है।

*Row पिलर के भीतर अलाइनमेंट में हो रहा कार्य*
सडक निर्माण का कार्य हर जगह पर निर्माण कार्य निर्धारित अलाइनमेंट और सीमांकन क्षेत्र के भीतर किया जा रहा है। जहां-जहां खुदाई की गई है वहां उसके बाहरी हिस्सों में आरओडब्ल्यू (ROW) के पिलर लगे हुए दिखाई दे रहे हैं। सड़क निर्माण वाले हिस्से पर खड़े होकर देखने पर यह अनुमान लगाया जा सकता है कि सिसरिंगा में कुएं और आसपास की संरचनाएं अलाइनमेंट क्षेत्र में आ सकती हैं। हालांकि निर्माण को लेकर फैल रही चर्चाओं और वास्तविक स्थिति के बीच अंतर को लेकर लोग प्रशासन और कंपनी से स्पष्ट जानकारी की मांग कर रहे हैं।





