फारेस्ट या राजस्व किसकी मिट्टी खोद रहा SKA का मशीन, क्रोँधा–सेमिपाली सड़क निर्माण में बड़ा खेल! ठेका कंपनी SKA पर कार्रवाई की मांग

धरमजयगढ़ से लगभग 10 किलोमीटर दूर क्रोँधा से सेमिपाली के बीच छ:ग ग्राम सड़क विकास के तहत बन रही 2 करोड़ 33 लाख 76 हजार रूपये से सड़क निर्माण कार्य में गंभीर अनियमितताओं का मामला सामने आया है। निर्माण कार्य कर रही ठेका कंपनी द्वारा बिना विभागीय अनुमति के बड़े पैमाने पर मिट्टी निकाले जाने का आरोप लगने से प्रशासनिक व्यवस्था पर सवाल खड़े हो गए हैं। ग्रामीणों ने इसे खुलेआम नियमों की अनदेखी बताते हुए तत्काल कार्रवाई की मांग की है। उक्त घटना की जानकारी मिलने के पश्चात मौक़े पर जाकर देखा गया तब उक्त स्थल पर एक चेन माउंटेन मशीन मिट्टी खुदाई कर रही थी और 3-4 छोटे ट्रको में मिट्टी की ढूलाई कर क्रोँधा–सेमिपाली के बीच बन रहें सडक में डंप किया जा रहा हैं। जिसकी जानकारी ना हल्का पटवारी कों थी ना राजस्व अधिकारीयों कों और ना ही फारेस्ट के अधिकारी कर्मचारी कों।
*खुदाई से ग्रामीण प्रभावित*
स्थानीय लोगों के अनुसार, सड़क निर्माण के नाम पर आसपास की जमीनों से लगातार मिट्टी उत्खनन किया जा रहा है, जबकि इसके लिए सम्बंधित विभाग से किसी प्रकार की वैधानिक अनुमति नहीं ली गई है। ग्रामीणों का आरोप है कि ठेका कंपनी मनमाने तरीके से जेसीबी और चेन माउंटेन भारी वाहनों के माध्यम से मिट्टी निकाल रही है, जिससे खेतों की सतह खराब हो रहा है।नियमों के अनुसार किसी भी निर्माण कार्य हेतु मिट्टी या मुरूम उत्खनन से पहले विभाग से अनुमति लेना अनिवार्य होता है। बिना अनुमति उत्खनन को अवैध माना जाता है, जिस पर जुर्माना, सामग्री जब्ती और ठेका निरस्तीकरण तक की कार्रवाई संभव है।मामले को लेकर क्षेत्रवासियों ने प्रशासन से निष्पक्ष जांच कर दोषियों पर सख्त कार्रवाई की मांग की है। वहीं देखा जाए तो इस सम्बंध में कार्यवाही कों लेकर कोई रूचि नहीं दिखाया जा रहा है। राजस्व विभाग कह रहा फारेस्ट हैं ऐसे में जांच करें और यदि आरोप सही पाए जाते हैं तो संबंधित ठेका कंपनी पर कार्रवाई करें।

अब सबकी नजर इस बात पर टिकी है कि जिस विभाग के अंतर्गत यह भूमि हैं वह विभाग नियमों का पालन सुनिश्चित कर कार्रवाई करेगा या मामला जांच तक ही सीमित रह जाएगा। वही ग्रामीणों का सवाल हैं कि नियम आम जनता के लिए ही हैं या ठेकेदारों के लिए अलग कानून बनाया गया हैं..?
*हल्का पटवारी से किया गया संपर्क*
उक्त स्थल पर हो रहें खुदाई कार्य कों लेकर ज़ब हल्का पटवारी बालमुकुंद सारथी से संपर्क किया गया तब उन्हे इसकी कोई जानकारी नहीं थी
*एसडीएम धरमजयगढ़ नें बताया*
परमिशन की जानकारी लेने के लिए ज़ब संवाददाता द्वारा धरमजयगढ़ एसडीएम प्रवीण भगत कों फोटो भेज उक्त स्थल पर हो रहें खुदाई सम्बंधित जानकारी मांगी गई तब उनके तरफ से जवाब आया की राजस्व से परमिशन नहीं लिया गया गया हैं फारेस्ट का हैं और तहसीलदार कों पटवारी प्रतिवेदन के लिए कहा गया हैं।
*फारेस्ट करेगी कार्यवाही…?*
उक्त मामले में तस्वीर और जानकारी फारेस्ट के डीएफओ जीतेन्द्र उपाध्यक्ष और एसडीओ बालगोविन्द साहू कों भेज दी गई हैं जिसके जवाब में डीएफओ धरमजयगढ़ द्वारा जांच का अस्वासन दिया गया हैं।





