तमनार आंदोलन में कुछ असमाजिक तत्वों ने मानवता किया शर्मसार, महिला पुलिसकर्मी के कपडे फाड़ना ये कैसा आंदोलन…?

तमनार में हाल ही में हुआ घटना किसी से छुपा नहीं हैं। वहा लोंग अपने मांगो कों लेकर कई दिनों से धरना पर बैठे थे जिसके बाद अचानक से वहां विवाद की स्थिति पैदा हो गई और लोंग पुलिसकर्मियों पर टूट पड़े। बताया जा रहा की विवाद की स्थिति तब पैदा हुई ज़ब पुलिस प्रशासन ने कंपनी के गाड़ियों कों लाने लें जाने का दबाव बनाया। यह तो जांच का विषय हैं कि क्यों विवाद की स्थिति पैदा हुई और वहा पदस्थ थाना प्रभारी कों महिलाओ ने जमकर पीटा.. इसी बीच पूरे घटनाक्रम का फायदा कुछ असमाजिक तत्वों ने उठाया और पूरे आंदोलन कों बदनाम कर दिया। मामला यह हैं कि 27 दिसंबर को आंदोलनकारी और पुलिस वालों के बीच हुए हिंसक झड़प में कई पुलिस कर्मी इनके चपेट में आ गये। लेकिन शर्म की बात है कि आंदोलनकारी एक महिला पुलिस कर्मी के साथ ऐसा बर्ताव किए जिसे समाज में स्वीकार किया ही नहीं जा सकता। एक महिला पुलिस कर्मी आंदोलनकारियों के डर से खेत की ओर भागती है आंदोलनकारी महिला पुलिस कर्मी को दौड़कर खेत में पकड़ लेते हैं उसके बाद आंदोलनकारी जो सभी पुरूष होते हैं उनके द्वारा महिला पुलिसकर्मी कों घेरकर उसकी जोरदार पिटाई करते हुए महिला पुलिसकर्मी के कपड़े को खींच-खीचकर फाड़ देते हैं और महिला पुलिस उनसे अपनी इज्जत की भीख मांगती हैं, लेकिन ये लोग महिला के साथ दरिंदगी करते हैं। महिला पुलिस कर्मी चीख-चीखकर भीख मांगते रहती है और ये महिला के कपड़े को फाड़ते रहतें हैं। हैरानी तब होती हैं ज़ब हजारों की संख्या में मौजूद आंदोलनकारी जिसमें महिलाएं भी शामिल होती हैं किसी का ध्यान नहीं जाता और कोई इन्हे नहीं रोकता।हालांकि आंदोलन जायज था ग्रामीण अपनी मांगों कों लेकर आंदोलन कर रहें थे पर उन्हें ऐसे लोगों से बचकर रहना चाइए था।
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