NGO कार्यकर्ता के खाते से करोड़ों की ठगी, रायगढ़ में 5 साइबर अपराधी गिरफ्तार

रायगढ़ में अंतरराज्यीय साइबर फ्रॉड गैंग का भंडाफोड़, पुलिस ने मितेश सोनी, विजय चंद्रा, अजय साहू, अभय यादव और सचिन चौहान को गिरफ्तार किया है
रायगढ़ पुलिस ने एक बड़े साइबर फ्रॉड मामले का खुलासा करते हुए अंतरराज्यीय गिरोह के पांच आरोपियों को गिरफ्तार किया है। यह कार्रवाई वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक शशि मोहन सिंह के निर्देशन में साइबर थाना टीम द्वारा की गई। मामले की शुरुआत:इंदिरानगर निवासी महिला एनजीओ कार्यकर्ता ने 12 मार्च को साइबर थाना में शिकायत दर्ज कराई। आरोप था कि CSR फंड दिलाने के नाम पर उससे धोखाधड़ी की गई और उसके बैंक खाते का दुरुपयोग किया गया।
ऐसे दिया गया झांसा:
आरोपियों ने महिला को कंपनी से अनुदान दिलाने का भरोसा दिलाया। इसके लिए उसके संस्थान के दस्तावेज लेकर एक्सिस बैंक में खाता खुलवाया गया। बाद में महिला और उसके पति को गुवाहाटी बुलाकर होटल में ठहराया गया, जहां उनके मोबाइल में APK फाइल इंस्टॉल कर बैंकिंग एक्सेस हासिल कर लिया गया।
करोड़ों का लेनदेन:
जांच में सामने आया कि महिला के खाते के जरिए करीब 2.17 करोड़ रुपये का संदिग्ध ट्रांजेक्शन किया गया। देशभर से इस खाते से जुड़े 44 साइबर फ्रॉड शिकायतें भी मिली हैं।
गैंग का तरीका:
आरोपी टेलीग्राम के जरिए सक्रिय साइबर गैंग से जुड़े थे। ये लोग विभिन्न राज्यों में कॉरपोरेट बैंक खाते उपलब्ध कराते थे, जिनका उपयोग ठगी की रकम ट्रांसफर करने में किया जाता था। इसके बदले उन्हें 5 से 15 प्रतिशत कमीशन मिलता था।गिरफ्तार आरोपी:पुलिस ने मितेश सोनी, विजय चंद्रा, अजय साहू, अभय यादव और सचिन चौहान को गिरफ्तार किया है। इनमें से एक आरोपी पहले बैंक में कार्य कर चुका है, जिससे उन्हें बैंकिंग प्रक्रिया की जानकारी थी।
जब्ती और जांच:
आरोपियों के पास से 6 मोबाइल फोन और 1 लैपटॉप जब्त किया गया है। पूछताछ में 25-30 बैंक खाते उपलब्ध कराने की जानकारी मिली है। पुलिस अब पूरे नेटवर्क की जांच में जुटी है।
पुलिस की अपील:
एसएसपी शशि मोहन सिंह ने आम लोगों से अपील की है कि किसी भी अनजान लिंक, ऐप या लालच भरे ऑफर से सावधान रहें और संदिग्ध गतिविधि की तुरंत सूचना पुलिस को दें। रायगढ़ पुलिस का कहना है कि साइबर अपराधियों के खिलाफ आगे भी सख्त कार्रवाई जारी रहेगी।




