धमकी का आरोप लगते ही SECL के खिलाफ और भड़का आक्रोश, अब लड़ाई होगी खुलकर!
धरमजयगढ़।बीते दिनों हुए secl प्रभावितो की बैठक में कई बातें खुलकर सामने आई, जिसमें सबसे बड़ा मुद्दा कंपनी के विरोध करने वालों को डराने धमकाने की बातें सामने आई। ऐसे में ग्रामीणों का और ज्यादा विरोध देखने को मिला। एक तरफ सभी को समानता का अधिकार की बात कही जाती हैं और वही अगर लोकतान्त्रिक स्वर को दबाने की कोशिश की जाती हैं तब यह कंपनी के लिए और बड़ी मुशीबत बन सकता हैं। समर्थन और विरोध एक सिक्के के 2 पहलु हैं जिसमें ग्रामीण स्वतंत्र हैं वह समर्थन करें या विरोध। ऐसा नहीं है की यहां secl में समर्थन में लोंग नहीं हैं। यहां भी कई लोंग समर्थन में हैं जिसका वीडियो देख सकते हैं
ऐसे में जो स्वतंत्रता से विरोध कर रहा उसकी आवाज को दबाने की कोशिश अपने आप में शर्मसार करने वाली घटना हैं। इसका नतीजा यह रहा की अबतक जो कंपनी का समर्थन दिख रहा था ऐसे कार्य के बाद आयोजित कार्यक्रम में भीम बैरागी के साथ ग्रामीणों नें समर्थन देते हुए उनके साथ लड़ाई लड़ने की सहमति जताई। उन्होंने कहा कि यदि ग्रामीण अपने हक और अधिकार की लड़ाई लड़ रहे हैं तो उनके साथ मजबूती से खड़ा होना जरूरी है।
धमकी के आरोपों से माहौल गरम, ग्रामीणों में बढ़ी नाराजगी
भीम बैरागी की ओर से यह भी आरोप लगाया जा रहा है कि कंपनी के विरोध में आवाज उठाने वालों पर दबाव बनाने और धमकी देने जैसी स्थिति सामने आ रही है। इन आरोपों ने पूरे मामले को और गंभीर बना दिया है। ग्रामीणों का कहना है कि अपनी जमीन और भविष्य को लेकर सवाल उठाना उनका अधिकार है और किसी भी प्रकार के दबाव के सामने वे चुप नहीं बैठेंगे।

SECL के खिलाफ आर-पार की लड़ाई के संकेत
मंच से उठी आवाज के बाद ग्रामीणों में आंदोलन को लेकर नई ऊर्जा दिखाई दे रही है। ग्रामीणों का कहना है कि विकास के नाम पर यदि उन्हें अपनी जमीन, पर्यावरण और आजीविका का नुकसान उठाना पड़ता है, तो वे इसका विरोध करेंगे। वहीं भीम बैरागी के साथ ग्रामीणों के खड़े होने की बात कहे जाने से आने वाले दिनों में SECL के खिलाफ विरोध और तेज होने के संकेत मिल रहे हैं।अब सवाल यह है कि ग्रामीणों के आरोपों और बढ़ते विरोध पर SECL प्रबंधन क्या जवाब देता है?
कॉलोनी में कंपनी के खिलाफ महा बैठक में क्या-क्या हुआ देखे video




