कॉलोनी में कंपनी के खिलाफ महा बैठक में क्या-क्या हुआ देखे video

धरमजयगढ़। दुर्गापुर-शाहपुर प्रस्तावित SECL कोल ब्लॉक के विरोध में किसानों और प्रभावित ग्रामीणों का आक्रोश लगातार बढ़ता जा रहा है। वर्ष 2016 में कोयला मंत्रालय, भारत सरकार द्वारा प्रस्तावित लगभग 1,677 हेक्टेयर क्षेत्रफल वाले इस कोल ब्लॉक को लेकर क्षेत्र के किसानों ने अब आर-पार की लड़ाई का ऐलान कर दिया है। ग्रामीणों का कहना है कि कोयला खनन से उनकी कृषि भूमि, जंगल और आजीविका पर गंभीर संकट खड़ा होगा।
SECL कोल ब्लॉक के विरोध को देखते हुए बीते दिनों जिला कलेक्टर के सभाकक्ष में त्रिपक्षीय बैठक भी आयोजित की गई थी। हालांकि, बैठक में कोई ठोस पहल सामने नहीं आने से प्रभावित किसानों ने अब आंदोलन को व्यापक रूप देने की रणनीति तैयार कर ली है।
इसी कड़ी में 26 अगस्त 2026 को ग्राम पंचायत दुर्गापुर बस्ती में किसानों की पहली बड़ी सभा आयोजित की गई थी। सभा में आदिवासी किसानों ने अपनी परंपरा और रीति-रिवाज के अनुसार नारियल, अगरबत्ती एवं चावल से देवी-देवताओं की पूजा-अर्चना कर SECL के विरोध में संघर्ष जारी रखने का संकल्प लिया।
किसानों ने स्पष्ट शब्दों में कहा कि वे अपनी एक इंच भी जमीन SECL को नहीं देंगे।सभा में यह भी निर्णय लिया गया था कि प्रभावित गांवों में लगातार बैठकें आयोजित कर किसानों और ग्रामीणों को आंदोलन से जोड़ा जाएगा। इसी निर्णय के तहत 3 सितंबर को धरमजयगढ़ कॉलोनी में SECL कोल ब्लॉक के विरोध में महत्वपूर्ण बैठक आयोजित की गई, जिसमें बड़ी संख्या में किसान और प्रभावित ग्रामीण शामिल हुए। और SECL के हर गतिविधियों का विरोध करने का जिक्र करते हुए सर्वे कार्य का भी पुरजोर विरोध करने की बात सामने देखा गया।
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