भारतमाला परियोजना कार्य से सरिया चोरी, कंपनी के कर्मचारियों नें नहीं करवाया एफआईआर दर्ज…?

*सरिया चोरी: कंपनी की लापरवाही पर सवाल*
भारतमाला परियोजना के तहत निर्माणाधीन सड़क कार्य से लोहे की छड़ (सरिया) चोरी होने का मामला सामने आया है। हैरानी की बात यह है कि घटना के कई दिन बाद भी संबंधित निर्माण कंपनी के कर्मचारियों द्वारा पुलिस में एफआईआर दर्ज नहीं कराई गई है, कहीं अंदरूनी स्तर पर लापरवाही या संभावित मिलीभगत तो नहीं है। इस प्रकार की क्षेत्र में तरह-तरह की चर्चाएं शुरू हो गई हैं।सूत्रों के अनुसार, निर्माण स्थल से रात के समय बड़ी मात्रा में सरिया गायब पाया गया। सुबह जब मजदूर कार्य पर पहुंचे तो सामग्री कम मिली। वही मुखबिर से सुचना मिलने के बाद खड़गांव के एक घर से छड़ प्राप्त हुए जिसे तस्वीर में देख सकते हैं कि कैसे डीबीएल कंपनी का वाहन में उन्ही के कर्मचारी छड़ लोड कर रहें हैं। उसवक्त घटना स्थल पर स्थानीय पत्रकार मौजूद थे और जानकारी प्राप्त हुई की किसी नें छड़ महज़ 500 में बेच दिया हैं जिसे घरवाले सस्ते में पाकर घर की छत ढलाई हो जाएगा इस कारण खरीद लिए।
*1शिकायत दर्ज ना करवाना बढ़ा रहा संदेह*
सरकारी परियोजना में उपयोग होने वाली सामग्री की सुरक्षा कंपनी की जिम्मेदारी है। यदि चोरी हुई है तो तत्काल पुलिस में रिपोर्ट दर्ज करानी चाहिए, ताकि दोषियों की पहचान कर कार्रवाई की जा सके। एफआईआर दर्ज न होने से मामले की पारदर्शिता पर सवाल उठ रहे हैं।वहीं कंपनी के कुछ कर्मचारियों का कहना है कि वे आंतरिक स्तर पर जांच कर रहे हैं और जल्द ही उचित कदम उठाया जाएगा। पर जबतक पुलिस कों लिखित शिकायत कंपनी के कर्मचारी नहीं देंगे तबतक कैसे आगे की कार्यवाही होंगी
*साठ-गाठ की आशंका*
हैरानी की बात यह हैं इतने बड़े मामले होने के बाद भी कंपनी द्वारा एफआईआर ना करवाना संदेह खड़ा कर रहा हैं। इतने बड़े प्रोजेक्ट के कार्य में यह भी तों इल्जाम नहीं लगाया जा सकता की पुलिस कंपनी वालों की बात सुनकर एफआईआर दर्ज नहीं कर रही क्युकी कार्य केंद्र सरकार का महत्वाकांक्षी योजना है इसमें लापरवाही बर्तना अपने पैर में कुल्हाड़ी मारने जैसा होगा। ऐसे में संदेह पूरा कंपनी के कर्मचारियों पर ही जाता हैं की क्यों वह एफआईआर करवाने से पीछे हट रहें क्या कर्मचारियों नें साठ गांठ तों नहीं कर ली हैं।…?
*परियोजना का कार्य होगा प्रभावित*
इस घटना से न केवल परियोजना की प्रगति प्रभावित होने की आशंका है, बल्कि सुरक्षा व्यवस्था पर भी प्रश्नचिह्न लग गया है। इस पूरे प्रकरण ने परियोजना की पारदर्शिता और सुरक्षा व्यवस्था पर प्रश्नचिह्न लगा दिया है। भारतमाला परियोजना भारत सरकार की एक प्रमुख सड़क बुनियादी ढांचा योजना है, जिसका उद्देश्य पूरे देश में सड़क कनेक्टिविटी को मजबूत करना है। इस योजना के तहत नई राष्ट्रीय राजमार्ग, आर्थिक गलियारे, तटवर्ती, सीमावर्ती और लॉजिस्टिक कॉरिडोर बनाए जा रहे हैं, ताकि यातायात सुगम हो, माल का परिवहन तेज़ हो और आर्थिक विकास को बल मिले। वही इसमें समानो कों चोरी होने से कार्य की गुड़वात्ता के साथ खिलावाड हो जाएगा जिसका खामियाजा आम जनता कों भुगतान पड़ेगा।




