ना कोयला खदान ना कोई विवाद फिर भी नावागांव के बैठक में ख़ास निर्णय, पढ़े पूरी खबर…
ना कोयला खदान ना कोई विवाद फिर भी नावागांव में कई दिनों से बैठक किया जा रहा। वही बैठकों में कई तरह के निर्णय लिए जा रहें जिसमें भविष्य में नावागांव में खुलने वाले कोयले खदान और आस पास के ग्राम पंचायत जो कोल ब्लॉक से प्रभावित होंगे उनके साथ कदम से कदम मिलाकर लड़ने की तैयारी की जा रही बतादे की धरमजयगढ़ में जंगली हाथियों के सुरक्षित टापू पर कोल ब्लॉकों का खतरा गहराता जा रहा है। धरमजयगढ़ वन मंडल के संवेदनशील जंगलों में 18 कोल ब्लॉक चिन्हांकित किए जाने से आदिवासी समाज में उग्र विरोध देखने को मिल रहा है। इनमें से 6 कोल ब्लॉकों की नीलामी हो चुकी है, जबकि 12 अन्य प्रस्तावित हैं।
जहां ग्राम नवागांव में आदिवासी ग्रामीणों ने पारंपरिक रीति-रिवाजों के साथ जंगल की पूजा कर हाथियों की सुरक्षा की कामना की और नवागांव ईस्ट–वेस्ट कोल ब्लॉक की नीलामी पर तत्काल रोक की मांग की। ग्रामीणों का कहना है कि यह क्षेत्र पांचवीं अनुसूची में आता है और पेसा कानून 2022 के तहत ग्रामसभा की अनुमति के बिना कोई भी परियोजना स्वीकार नहीं की जाएगी।
वहीं आंदोलन को और तेज करते हुए ग्रामीणों ने ऐलान किया है कि 29 दिसंबर को हजारों की संख्या में लोग सड़क पर उतरकर रैली और आमसभा करेंगे,चेतावनी दी गई है कि यदि जंगल, जमीन और जंगली हाथियों की सुरक्षा से समझौता किया गया, तो आंदोलन और उग्र होगा।




