मुआव्जा की कम राशि बन सकती हैं कंपनी के विरोध का कारण, दुर्गापुर, शाहपुर, धरमजयगढ़ कॉलोनी, बायसी, बायसी कॉलोनी, तरईमार में दिखेगा भारी विरोध…..

धरमजयगढ़ के भौगोलिक क्षेत्रों कों अगर देखा जाए तो यह भविष्य में दर्जन भर से अधिक कोयला खदान आ रहा है जिससे धरमजयगढ़ के चारों तरफ कोयला खदान ही मौजूद रहेगा। वैसे जो धरमजयगढ़ का भविष्य आगे दिखाई पड़ रहा हैं उसकी शुरुआत अभी देखने कों मिल रहा हैं। ऐसा हम इसलिए कह रहें हैं क्यूंकि वर्तमान में धरमजयगढ़ में एक भी कोयला खदान संचालित नहीं हो रहा है और अब इसकी शुरुआत होने जा रही हैं। जिसमें शुरुआत पुरुँगा से होना था पर विरोध के कारण वहा स्थगित हुआ अब उसके बाद धरमजयगढ़ के दुर्गापुर में SECL के ने अपनी हलचल तेज कर दी हैं पर यहां की स्थिति अगर देखी जाए तो यहां भी कंपनी कों कोयला खदान शुरू करने के लिए भारी मस्कक्तत करना पड़ेगा।
खदान खुले ना खुले यह तो दूर की बात हैं पर यहां मुआव्जा कों लेकर भारी विरोध देखने कों मिल सकता हैं। मिल रही जानकारी के अनुसार जो धारा 4 का प्रकाशन 2014 का बाजार मूल्य था उससे लोंग संतुष्ट नज़र नहीं आ रहें और अगर वर्तमान में जो बाजार मूल्य मिलने की बात कही जा रही वह 2014 का तय बाजार मूल्य बताई जा रही हैं और लोगों का कहना हैं की उन्हें 2025-26 के हिसाब से बाजार मूल्य प्रदान की जाए। साथ ही यहां की स्थिति भी पुरुँगा जैसे होने की संभावना बताई जा रही हैं जहाँ ग्रामीण SECL का खुलकर विरोध करेंगे और खदान कों अपने क्षेत्र में आने नहीं देंगे।




